नैनीताल का केव गार्डन बना पर्यटकों की पसंद, यहां है कृत्रिम गुफाएं; जानिए इससे जुड़ी खास बातें

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कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के सूखाताल स्थित केव गार्डन की गुफाएं पर्यटकों को पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का आभास कराती हैं। यही वजह है कि केव गार्डन में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। इससे निगम की आर्थिक सेहत भी सुधर रही है।

केव गार्डन में साहसिक व मनोरंजक गतिविधियां बढ़ने से यह पर्यटकों का ध्यान खींच रहा है। नैनीताल बस स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर दूर कालाढूंगी रोड में सूखाताल क्षेत्र में केव गार्डन हैं। यहां आधा दर्जन कृत्रिम गुफाएं हैं। इन गुफाओं को अलग-अलग नाम दिए गए हैं।
केव गार्डन में हैं ये एक्टिविटी
वन्यजीव जैसी गुफाओं मे रहते हैं वैसे ही उसका नाम भी रखा गया है। जैसे टाइगर, पैंथर्स, पोक्युपाइन, बेड्स, फ्लाइंग फॉक्स। इसके अलावा केव गार्डन में पर्यटकों के मनोरंजन के लिए बुल राइडिंग, स्काई साइकिलिंग व चिल्ड्रन पार्क भी है। केव गार्डन के टॉप प्वाइंट से नैनीताल शहर व झील का खूबसूरत दृश्य नजर आता है। निगम के महाप्रबंधक एपी बाजपेयी के अनुसार केव गार्डन में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।

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कोविड में घटे पर्यटक
केएमवीएन के अनुसार 2018-19 में केव गार्डन में 2,46,545 पर्यटक आए तो इनसे लिए जाने वाले टिकट से कमाई 1.57 करोड़ रुपये से अधिक हुई। 2019-20 में 2,45,829 पर्यटकों से 1.52 करोड़ की आय हुई। 2020-21 में कोविड लॉकडाउन में 63,040 पर्यटक, 2020-21 में 87,770 2022-23 में 1,66,189 पर्यटक और 2023-24 में नवंबर तक 1,66,875 पर्यटकों के आने से 1.70 करोड़ से अधिक की आय हुई।

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ऐसे है टिकट
केव गार्डन में प्रति पर्यटक टिकट सौ रुपये व बच्चों का टिकट 60 रुपये है। केव गार्डन से इस वित्तीय वर्ष में निगम को 1.10 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ है जो 2018 में 95 लाख रुपये था

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