
पहाड़ में चरस के साथ पांच गिरफ्तार, दो ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान के नाम आए सामने
आर्टिका कार की डिग्गी में छिपाकर ले जा रहे थे चरस, चल्थी में पुलिस ने पांच को दबोचा
चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में चरस तस्करी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ग्राम प्रधान और एक पूर्व प्रधान समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से आर्टिका कार की डिग्गी में रखी 992 ग्राम चरस बरामद की है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह कप्रवाण के पर्यवेक्षण में एसओजी और चल्थी चौकी पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान चल्थी चौकी के गेट पर एक आर्टिका कार को रोककर तलाशी ली गई। कार का पंजीकरण नंबर यूके 06 बीएस 2063 बताया गया है।
तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से 992 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार में सवार पांचों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। बरामद चरस को लेकर आरोपितों से पूछताछ और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों में जनप्रतिनिधि भी शामिल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में मोहन जोशी निवासी चल्थिया, पाटी, चंपावत; पान सिंह राणा निवासी बमनपुरी, सितारगंज; और कालीचरण राणा निवासी धूसरी, नानकमत्ता, ऊधम सिंह नगर शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मोहन जोशी पूर्व ग्राम प्रधान, एचता बिही, नानकमत्ता बताए गए हैं। वहीं, जितेंद्र सिंह राणा बमनपुरी के ग्राम प्रधान और कालीचरण राणा धूसरी के ग्राम प्रधान बताए गए हैं।
जनप्रतिनिधियों से जुड़े नाम सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पांचों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच के दौरान चरस की तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।


