
जहां प्रदेश में एक बार फिर से जेनी प्रकरण की गूंज से कांग्रेस घिरी दिखाई दे रही है वहीं इस सियासी आफत से मुकाबले के लिए अब कांग्रेस एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे को गरमाने की कोशिश में है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ मंत्रियों पर लग रहे गंभीर आरोपों के विरोध में पूरे प्रदेश में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाने का ऐलान किया है। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान आम जनता के बीच जाकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करेगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत जनमत तैयार करने का काम करेगा।
ब्लॉक स्तर से जिला व राज्य स्तर पर विरोध कार्यक्रम
इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत 10 नवंबर से होगी और यह 30 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, विकास खंडों (ब्लाक स्तर) और नगर क्षेत्रों में विभिन्न विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने बताया कि अभियान के पहले चरण यानी 10 नवंबर से 15 नवंबर के बीच विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की कैबिनेट पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर किया जाएगा।
खास बैनर और पम्पलेट्स के जरिए होगा विरोध
इस आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कांग्रेस संगठन ने पूरी तैयारी कर ली है। विरोध प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से 6×15 फीट के बड़े बैनर और निर्धारित पम्पलेट तैयार किए गए हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश और आरोप दर्ज होंगे। प्रदेश नेतृत्व की ओर से इन बैनरों और पम्पलेट्स के नमूने सभी जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों को पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
कांग्रेस संगठन ने अपनी सभी जिला और ब्लॉक इकाइयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे हस्ताक्षर कराए गए इन बैनरों और पम्पलेट्स को 20 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जमा करा दें।
23 नवंबर को राजभवन तक विशाल पदयात्रा
अभियान के अंतिम और निर्णायक चरण में 23 नवंबर 2026 को कांग्रेस पार्टी एक शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इस दिन पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की विशेष उपस्थिति में देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा कांग्रेस भवन से शुरू होकर लोकभवन (राजभवन) तक जाएगी। इस पदयात्रा के माध्यम से उत्तराखंड के कोने-कोने से जुटाए गए हस्ताक्षरयुक्त बैनर और पम्पलेट सीधे राज्यपाल महोदय को सौंपे जाएंगे। कांग्रेस पार्टी राज्यपाल से यह मांग करेगी कि मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
इस बड़े अभियान के जरिए कांग्रेस एक बार फिर सड़क से लेकर राजभवन तक सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना चुकी है, जिससे आगामी दिनों में सूबे का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है


