सीएचसी हल्दूचौड़ में तमाम सुविधाएं प्रदान करने की मांग को लेकर इन्होंने भेजा सीएमओ नैनीताल को ज्ञापन………. दी यह चेतावनी

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लालकुआं। हल्दूचौड़ में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सुचारू संचालन हेतु पदों के सृजन एवं सृजित पदों के सापेक्ष स्थायी नियुक्ति प्रदान करने को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को समाजसेवी एवं पूर्व प्रधानाचार्य ने तहसील लालकुआं के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है, साथ ही उक्त सुविधाओं को लेकर कोई कार्रवाई न करने पर पुनः न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है।

हल्दूचौड़ निवासी पूर्व प्रधानाचार्य गोविन्द बल्लभ भट्ट द्वारा पूर्व में जनहित याचिका उच्च न्यायालय में लगाकर उक्त चिकित्सालय को तमाम सुविधाओं के साथ शुरू करने का आदेश पारित कराया था, इसके बाद 25 फरवरी 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमजन के लिए शुरू कर दिया गया, अब पुनः स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करने की मांग को लेकर पूर्व प्रधानाचार्य का कहना है कि आधी अधूरी व्यवस्था एवं अपर्याप्त चिकित्सकीय स्टॉफ के साथ उक्त चिकित्सालय खोल दिया गया है। उनका आरोप है कि है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह आधा अधूरा कार्य उच्च न्यायालय की अवमानना से बचने का प्रयास प्रतीत होता है। तहसीलदार लालकुआं के माध्यम से मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को भेजे गए पत्र में पूर्व प्रधानाचार्य का कहना है कि चिकित्सालय में अभी भी फिजिशियन, नर्सिंग स्टाफ, सर्जन, गायनोकोलॉजिस्ट, एनसथीसियोलॉजिस्ट, जीडीएमओ. दंत चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, ई.सी.जी. टेक्नीशियन, दांत सहायक और ड्रेसर की अभिलंब व्यवस्था की जानी है, उन्होंने कहा कि वर्तमान में किच्छा से हल्द्वानी तक 40 किमी के भीतर जनता के लिए किसी भी राजकीय चिकित्सालय में अल्ट्रासाउण्ड की व्यवस्था नहीं है। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाऐं किच्छा एवं लालकुओं से भी सी.एच.सी. हल्दूचौड़ में आल्ट्रासाण्ड हेतु पहुंच रही हैं, परन्तु बड़ी आबादी को नियमित रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मौजूद अल्ट्रासाउण्ड मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गायनोकॉलेजिस्ट की कमी के कारण भी प्रसव सेवा शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने मांग की कि बड़े क्षेत्रफल में फैली जनता को इस सुविधा का लाभ दिलाये जाने के लिए एक नियमित गायनोकोलेजिस्ट एवं एक रेडियोलॉजिस्ट की तत्काल नियुक्ति करनी आवश्यक है। ज्ञापन देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभिलंब स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उक्त नियुक्तियां नहीं की तो वह न्यायालय की शरण लेने को बाध्य हो जाएंगे, मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रेषित ज्ञापन की प्रति उन्होंने तहसील के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विपिन चंद्र पंत को सौंपी।

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