जिसकी हत्या के मामले में ससुराल के 8 लोग काट रहे जेल की सजा,वो निकला जिंदा,पढ़े खबर

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झारखंड से एकदम फिल्मी स्टाइल वाला क्राइम का चौंकने वाला मामला सामने आया है। जहां युवक की हत्या के आरोप में उसकी ससुराल के 8 लोग जेल में सजा काट रहे थे, लेकिन वो युवक जिंदा निकला। दामाद जिंदा निकलने की खबर के बाद पूरे इलाक में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब जांच-पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी ने खुद अपनी अपहरण और हत्या की झूठी साजिश रची जिसके बाद वो गायब हो गया। उसके परिजनों ने ससुरालवलों के खिलाफ मामला दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवा दिया।
दरअसल, गुमला जिले की सतबरवा पुलिस ने खुद के अपहरण और हत्या की फर्जी साजिश रचने वाले आरोपी राम मिलन चौधरी उर्फ चुनिया को छतरपुर पुलिस की मदद से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।

जहां सतबरवा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार राय ने आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है। बताया तो यह भी जा रहा है कि आरोपी इन छह सालों में अपने घर भी आता-जाता रहा। वह रात को आता था और सुबह होने से पहले निकल जाता था।मामले की जांच कर रहे पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी दामाद राम मिलन चौधरी अपनी मर्जी से गायब हो गया था।

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जिसके बाद उसके भाई दिलीप चौधरी ने तीन सितंबर 2016 को सतबरवा के पोंची गांव में उसके ससुराल के आठ लोगों पर भाई का अपहरण कर हत्या कर देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में ससुराल के सभी लोगों को जेल भिजवा दिया था। इन लोगों में राममिलन की पत्नी सरिता, सास कलावती, ससुर राधा चौधरी, लड़की की बहन, चाचा के साथ, कुदरत अंसारी, ललन मिस्त्री और दानिश अंसारी शामिल थे।

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वहीं लड़की के भाई दीपक चौधरी यानि आरोपी के साले ने थाने में शिकायत की थी कि उसका जीजा अभी जिंदा है और उसको मैंने देखा है। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। लड़की के भाई ने बताया कि 2009 में उसकी बहन सरिता का विवाह राममिलन चौधरी के साथ हुआ था। शादी के कुछ दिन तक तो सब ठीक-ठाक चला, लेकिन फिर ससुराल वाले बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।

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जब हमने इनकी शिकायत पुलिस में की तो इसी का बदला लेने के लिए राममिलन ने यह फर्जी साजिश रची। दीपक ने बताया कि उसकी इस फर्जी साजिश और मेरे पिताजी जेल जाने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई।

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