चंपावत में बारिश का कहर, फटा बादल, दो महिलाओं की मौत

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रुद्रपुर। उत्तराखंड में बारिश अब कहर बनकर टूट रही है। आलम ये है कि कई जगहों पर तबाही जैसा मंजर देखने को मिल रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कुदरत कहर बरपा रहा है। इस बीच चंपावत में हालात भयावह हैं। यहां बादल फटने की सूचना मिली है। इस आपदा में दो महिलाओं की मौत और दो लोग मामूली रूप से घायल हुए है। एसडीएम लोहाघाट रिंकु बिष्ट ने इसकी पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र पंचेश्वर, मटियानी, कॉमलेडी आदि क्षेत्रों में बादल फटने से भारी तबाही मची है। लोगों के घर खतरे की जद में आ चुके हैं। इस दौरान ढोरजा में गौशाला ढहने से एक महिला की मौत हो गई है। वहीं मटियानी में बादल फटने से गांव में मलबा घुस आया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। इधर एक युवा के लापता होने की खबर है। वहीं पंचेश्वर में भी हर जगह तबाही नजर आ रही है। चंपावत को पिथौरागढ़ जिले से जोड़ने वाला झूला पुल सरयू नदी के उफान में आने से खतरे की जद मे आ गया है। एसडीएम लोहाघाट रिंकु बिष्ट के नेतृत्व में टीमे पैदल आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचने की कोशिश कर रही है। क्षेत्र के विद्युत व मोबाइल सुविधा पूरी तरह बाधित हो चुकी है। तबाही से ग्रामीण काफी दहशत में हैं और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं। वही टनकपुर पिथौरागढ़ ऑल वेदर सड़क पूरी तरह बंद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों को मदद देने के निर्देश दिए हैं। डीएम चंपावत नवनीत पांडे ने कहा कि प्रशासन की टीम आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंच रही हैं और ग्रामीणों को मदद पहुंचाई जा रही है। जहां सड़के बह चुकी हैं वहां टीमें पैदल पहुंच रही है उन्होंने कहा आपदा बहुत बड़ी है। इसके अलावा भारी बारिश के कारण चंपावत जिले के भिंगराडा में भी दो मंजिला धर्मशाला भारी बारिश में ढह कर खाई में गिर गई। राहत की बात ये है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ

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