

रुद्रपुर। सोने के सिक्के बेचने का झांसा देकर हल्द्वानी और लालकुआं के व्यवसाईयों पर हमला कर 70 लाख की डकैती की घटना को अंजाम देने वाले दो डकैतों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से पुलिस ने करीब 26 लाख की नकदी भी बरामद कर ली है।
बाद में पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। जबकि फरार चल रहे उनके छह साथियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। इसके लिए जगह जगह दबिश दी जा रही है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि ग्राम जग्गीबंगर लालकुआं नैनीताल निवासी मोहित चौबे पुत्र पूरन चंद्र चौबे द्वारा पंजीकृत प्राथमिकी में कहा था कि किरन कौर उर्फ बबली नाम की महिला तीन माह से उससे संपर्क कर सोने के सिक्कों की बात कर रही थी। तीन माह तक वह किरन कौर को टालता रहा लेकिन उसने पीछा नहीं छोड़ा।
बाद में वह उसके झांसे में आकर 26 मार्च को अपने साथी संदीप शर्मा के साथ किरन कौर उर्फ बबली के बताए घर ग्राम रसोइयापुर पहुंचे। जहां पर सहदौरा सितारगंज निवासी किरन कौर उर्फ बबली, ग्राम रसाेइयापुर निवासी लखविंदर उर्फ लक्खा, सतनाम उर्फ पप्पू, सलमता नानकमत्ता निवासी महेंद्र उर्फ धर्मेंद्र, कैथुलिया नानकमत्ता निवासी गुरमेल सिंह, बलवीर सिंह उर्फ वीरू, सुखविंदर कौर, नानकमत्ता निवासी राजू रस्तोगी उर्फ कृष्णा सुनार, बनगांव खटीमा निवासी देबू मिले।
इस दौरान उसने सोने का सैंपल दिखाने को कहा तो पहले से मौजूद राजू रस्तोगी सुनार ने सोने के सिक्के में से एक टुकड़ा काट कर चेक किया। राजू रस्तोगी सुनार ने बताया कि यह चौबीस कैरेट सोना है। इस पर उसने एक टुकड़ा ले लिया और चेक कर 27 मार्च को आने की बात कही। इसके बाद उसने अपने सुनार से सोने की जांच कराई तो वह 24 कैरेट का मिला।
27 मार्च को वह अपने साथी संदीप शर्मा के साथ सौदा करने के लिए सितारगंज पहुंचा। सितारगंज में ग्राम रसोईयापुर मोड के पास राजू रस्तोगी को अपनी गाड़ी में बैठाकर रसोईयापुर किरन कौर उर्फ बबली के बताए घर पर पहुंचे। उसके पास करीब 70 लाख रुपये थे जो उसकी दो सरकारी देशी शराब के दुकानों के पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 को जमा किए गए अधिभार की प्रतिभूति धनराशि थी।किरन कौर उर्फ बबली के बताए घर पहुंचने के बाद सुखविंदर कौर, लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा, बलवीर सिंह उर्फ वीरू और एक दो अन्य लोग मौजूद थे। उसके कुछ देर बाद एक बिना नंबर की सफेद कार आई और उसमें से महेंद्र उर्फ धर्मेंद्र, बलवीर सिंह, गुरमेल सिंह तथा देवराज लाठी डंडे लेकर घर में घुसे।
आरोप है कि इस दौरान उन्होंने उसे धमकी देते हुए लाठी डंडों से हमला कर दिया। जिससे मोहित और उसका साथी संदीप चोटिल हो गए। बाद में लखविंदर उर्फ लक्खा, बलवीर सिंह उर्फ वीरू, महेंद्र उर्फ धर्मेंद्र, बलवीर, गुरमेल, देवराज ने उनके पास से 70 लाख की नकदी से भरा बैग लूट लिया। साथ ही नकदी से भरा बैग लखविंदर उर्फ लक्खा को देकर सभी कार में बैठ फरार हो गए थे।
मामले में पुलिस ने महेंद्र उर्फ धर्मेंद्र पुत्र दर्शन सिंह उर्फ घाटिया, किरन कौर उर्फ बबली पत्नी सतीश, लखविंदर उर्फ लक्खा पुत्र सतनाम उर्फ पप्पू, सतनाम उर्फ पप्पू पुत्र गौमा सिंह, गुरमेल सिंह पुत्र संतोख सिंह, बलवीर सिंह उर्फ वीरू पुत्र गुरमेज सिंह, सुखविंदर कौर पत्नी बलवीर सिंह उर्फ वीरू, राजू रस्तोगी उर्फ कृष्णा सुनार पुत्र मदन के विरुद्ध डकैती में प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी थी।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि कोतवाल सितारगंज नरेश चौहान की अगुवाई में पुलिस टीम आरोपितों के घरों में दबिश देने के साथ ही उनकी तलाश में जुट गई थी। गुरुवार रात पुलिस को सूचना मिली कि डकैती के आरोपित सरकड़ा सितारगंज क्षेत्र से कहीं जा रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपितों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम देशी भुड़िया खटीमा निवासी बलबीर सिंह और ग्राम रसोइयापुर सितारगंज निवासी लखविंदर उर्फ लक्खा बताया।
इस दौरान बलबीर के पास से लूट के 5.50 लाख रुपये और लखविंदर उर्फ लक्खा से 20. 50 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। बाद में पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। जबकि फरार चल रहे महेंद्र उर्फ धर्मेंद्र, किरन कौर उर्फ बबली, सतनाम उर्फ पप्पू, गुरमेल सिंह, सुखविंदर कौर, राजू रस्तोगी उर्फ कृष्णा सुनार की तलाश की जा रही है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने डकैतों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में कोतवाल सितारगंज नरेश चौहान, एसएसआइ सितारगंज विक्रम सिंह धामी, एसआइ सुरेंद्र सिंह बिष्ट, एसआइ राकेश सिंह रौकली, एसआइ कैलाश देव, एसआइ ललित चौधरी, एसआइ इंदर सिंह ढैला, कांस्टेबल किरन कुमार, चंद्र प्रकाश, अशोक बोरा, विनीत कुमार शामिल है