
रुड़की- हरिद्वार जिले के रुड़की में देहरादून से आई एसटीएफ की टीम ने भाजपा पार्षद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पार्षद ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के साथ मिलकर एक महिला और उसके परिवार को डरा धमकाकर उसके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने की साजिश की। इसी के साथ अन्य जमीनों के भी फर्जी कागजात तैयार कर बेचने की एसटीएफ की जांच में पुष्टि हुई है. बीजेपी नेता के अलावा एसटीएप ने पंकज अष्ठवाल नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने पार्षद के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है और पार्षद को अपने साथ देहरादून ले गई।
बता दें कि उत्तराखंड एसटीएफ ने मनीष बालर को भूमि माफिया नेटवर्क से जुड़े होने और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के पास इस मामले से संबंधित ठोस दस्तावेज़ी सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई।
वहीं भू-माफिया से नेटवर्क और धोखाधड़ी मामले में एसटीएफ के हत्थे चढ़े पार्षद मनीष को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मामला हरिद्वार जनपद का है। जहां भाजपा ने रुड़की नगर निगम के वार्ड संख्या 38 से भाजपा पार्षद मनीष बालर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये कार्यवाही पार्षद मनीष बालर की भूमि संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी के बाद की गई है।
विपक्ष का हमला तेज⤵️
हालांकि इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा में आपराधिक छवि वाले लोगों को जानबूझकर संरक्षण दिया जाता है और समय-समय पर उनके खिलाफ केवल दिखावटी कार्रवाई होती है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को “अपराधियों का आश्रय स्थल” तक कह डाला।
लंबे समय से चल रही थी जांच⤵️
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, मनीष बालर के खिलाफ कई महीनों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिनकी गंभीरता से जांच की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में ही भूमि सौदों में अनियमितताओं और जाली दस्तावेज़ों के इस्तेमाल की पुष्टि हो गई थी। इसके बाद, गहन जांच में मनीष का संबंध एक सक्रिय भूमि माफिया गिरोह से पाया गया।
बुधवार को एसटीएफ ने मनीष को गिरफ्तार कर लिया, और वर्तमान में वह पुलिस हिरासत में हैं। उससे पूछताछ जारी है। वहीं सूत्रों का मानना है, कि इस मामले में कई नामी चेहरे भी सामने आ सकते हैं।

