अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन ने लोगों का दिल जीता, सचिन तेंदुलकर ने भी कही ये बात,

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अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन और भारतीय शटलर लक्ष्य सेन को ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया। खुद क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने उनको बधाई दी। लोग उनके खेल की खूब तारीफ कर रहे हैं। बीती देर रात तक चले मुकाबले में लक्ष्य को डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन ने 21-10, 21-15 से पराजित किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला 53 मिनट तक चला। उल्लेखनीय है कि लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल मुकाबले में मलेशिया के ली जी जिया को हराकर ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी।

सचिन ने कही ये बात…….

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने लक्ष्य सेन को इस सुनहरे सफर के लिए बधाई दी है। सचिन तेंदुलकर ने लिखा, जीवन में असफलता नाम की कोई चीज नहीं है। आप या तो जीतते हैं या आप सीखते हैं। मुझे यकीन है कि आपने इस अद्भुत अनुभव से बहुत कुछ सीखा है। आगामी टूर्नामेंट्स के लिए आपको शुभकामनाएं।

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6 साल की उम्र में खेलना शुरू किया, 10 साल की उम्र में इंटरनेशनल खिताब अपने नाम किया

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर के तिलकपुर में रहने वाले लक्ष्य सेन ने 6 साल की उम्र में ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया। उस वक़्त उनकी लंबाई और बैडमिंटन रैकेट की लंबाई एक समान थी। अपने दादा सीएल सेन के साथ लक्ष्य स्टेडियम आते और अभ्यास करते। जब लक्ष्य की उम्र 10 साल थी। उस वक़्त वह करीब 4 घंटा प्रैक्टिस करते। 16 अगस्त 2001 को पैदा हुए लक्ष्य ने 10 साल की उम्र में साल 2011 सिंगापुर यूथ इंटरनेशनल खिताब में पहला पदक जीता। इसके बाद वह कड़ी मेहनत करते रहे। अब तक वह नेशनल और इंटनेशनल कई खिताब अपने नाम कर चुके हैं।

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2012 में अल्मोड़ा से पहुंचे बेंगलुरू
लक्ष्य सेन साल 2012 में प्रकाश पादुकोण अकेडमी में गए। उनके भाई चिराग सेन, पिता डीके सेन भी वहीं शिफ्ट हो गए। यही पर लक्ष्य ने कड़ी मेहनत की।

पिता और दादा ने भी कड़ी मेहनत
लक्ष्य सेन के दादा सीएल सेन ने लक्ष्य को बैडमिंटन की ट्रेनिंग दी। अपने दादा के साथ ही लक्ष्य सेन स्टेडियम आता। लक्ष्य के पिता भी उस वक़्त अल्मोड़ा स्टेडियम में बैडमिंटन कोच थे। जब सुबह वह बाइक में अभ्यास को स्टेडियम आते। लक्ष्य बाइक के पीछे दौड़कर स्टेडियम पहुँचते। B.S Mankoti Secretary Uttarakhand State Badminton Association ने बताया कि लक्ष्य जब अल्मोड़ा में थे। उस वक़्त ही कड़ी मेहनत करते। करीब 4 घन्टा अभ्यास करते। अवकाश के दिन 6 से 8 घंटे अभ्यास करते। उन्होंने बताया कि हमारे नगर के लक्ष्य लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह काफी अच्छी बात है। बैडमिंटन संघ से जुड़े रामावतार ने बताया कि लक्ष्य के लगातार शानदार प्रदर्शन से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने उनको भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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