28 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की तबियत अचानक से बिगड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां मुख्तार की मौत हो गई। इस मौत को लेकर बहसबाजी भी हुई। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि मौत हार्टअटैक से हुई है। लेकिन परिवार ने इसे साधारण मौत नहीं बताया बल्कि कहा कि मुख्तार को धीमा जहर देकर मारा गया है। अब इस घटना के 172 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है।
मुख्तार अंसारी की मौते के मामले में मजिस्ट्रियल जांच में मौत की वजह हार्टअटैक होना ही पाया गया है। प्रशासन ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसके पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी और बिसरा जांच में भी जहर की पुष्टि नहीं हुई थी।
शासन को भेजी रिपोर्ट
मुख्तार के परिजनों के आरोपों के बाद शासन के आदेश पर मौत की वजह जानने के लिए मजिस्ट्रियल और न्यायिक जांच बैठाई थी। लगभग 5 महीने तक जांच में जेल अधिकारियों, कर्मचरियों और मुख्तार का इलाज करने वाले जिला अस्पताल समेत 100 लोगों के बयान लिए गए थे। जिसके बाद उन्होनें जेल के सीसीटीवी फुटेज, बैरिक की जांच और खाने की जांच की। इन सबके बाद अब प्रशासन ने रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है