
नई दिल्ली न्यूज़- उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित बैंक घोटालों से जुड़े मामलों में रिलायंस ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 510 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। जब्त की गई संपत्तियों में दो प्राइवेट विमान, छह फ्लैट, जमीन, विंडमिल, बैंक डिपॉजिट और विभिन्न निवेश शामिल हैं।
ED ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। जांच एजेंसी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों में एम्ब्रेयर लेगेसी 650 और डसॉल्ट फाल्कन 2000 प्राइवेट जेट भी शामिल हैं। इस ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों में अब तक अटैच की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 23,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
दो अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई
ED की जांच में रिलायंस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से जुड़े कथित वित्तीय घोटालों की परतें खुल रही हैं। एजेंसी के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े 263.05 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच की जा रही है। वहीं, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) से जुड़े 247.12 करोड़ रुपये के मामले में भी कार्रवाई की गई है।
RCom मामले में ED ने महाराष्ट्र में दो चार्टर्ड विमानों के अलावा छह प्लॉट और कार्यालय से जुड़ी संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें डसॉल्ट फाल्कन 2000 और एम्ब्रेयर लेगेसी 650 विमान शामिल हैं।
वहीं, RHFL और RCFL से जुड़े मामलों में तमिलनाडु स्थित दो विंडमिल, बैंक खातों में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य निवेशों को अटैच किया गया है।
विदेशों में पैसा डायवर्ट करने का भी आरोप
ED का आरोप है कि रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से धनराशि के कथित दुरुपयोग के साथ ही भारत से पैसा विदेशी खातों और टैक्स से जुड़े ढांचों के जरिए डायवर्ट किया गया। एजेंसी इस पूरे वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और दिल्ली व मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। इसके अलावा ED विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत दो अलग-अलग मामलों की भी जांच कर रहा है।
इन कंपनियों की जांच के दायरे में
ED के मुताबिक, जांच के दायरे में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड समेत कई कंपनियां शामिल हैं।
इस कार्रवाई को लेकर मीडिया की ओर से संपर्क किए जाने पर अनिल अंबानी के ग्रुप के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया


