
मेरठ। उत्तर प्रदेश के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ की हत्या और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से बंद करने की इस वारदात ने मार्च 2025 में पूरे देश को झकझोर दिया था।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, करीब 13 महीने तक चली सुनवाई के दौरान 127 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत दोनों दोषियों को पहले ही दोषी करार दे चुकी थी। सजा सुनाने से पहले बुधवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों की पेशी हुई। न्यायाधीश ने उनसे पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं, लेकिन दोनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप
मामले के अनुसार, सौरभ राजपूत फरवरी 2025 के अंतिम सप्ताह में विदेश से मेरठ लौटा था। वह छुट्टी लेकर अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मनाने भारत आया था। आरोप था कि मुस्कान और साहिल के बीच प्रेम संबंध थे और सौरभ उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से बंद कर दिया गया, ताकि वारदात के साक्ष्य छिपाए जा सकें।
हत्या के बाद घूमने जाने का आरोप
आरोपों के मुताबिक, वारदात के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने चली गई थी। इस दौरान सौरभ के फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर उसके जीवित होने का आभास देने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई थी। परिजनों को बताया गया कि सौरभ वापस विदेश चला गया है।
18 मार्च को हुआ था हत्याकांड का खुलासा
18 मार्च 2025 को सौरभ का भाई राहुल उसके घर पहुंचा। वहां साहिल की मौजूदगी और घर से आ रही दुर्गंध के कारण उसे शक हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली। इस दौरान नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी ठहराया। प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया है


