सहकारिता मेले में पहुँचे CM धामी—महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल का निरीक्षण

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हल्द्वानी सहकारिता मेले में CM धामी का बड़ा बयान—“राज्य की डेमोग्राफी बदलने की साजिश पर सख़्त कार्रवाई होगी”

CM धामी ने महिला समूहों को 17.72 करोड़ रुपये के चेक वितरित कर दी सशक्तिकरण को नई गति

सहकारिता मेला बनेगा स्थानीय विकास का आधार—सीएम धामी

हल्द्वानी 26 नवंबर 2025 सूवि।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता से पर्यटन विकास थीम पर आयोजित सहकारिता मेला स्थानीय सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और महिला समूहों के उत्पादों को एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने के साथ ही उत्पादकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मेला सहकारिता की भावना को मजबूत करने के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सहयोग, एकता और सामूहिक प्रगति को बढ़ावा देता है। आधुनिक समय में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसी महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया। केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य हो रहा है।
उत्तराखंड में अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है और ये समितियां डिजिटल माध्यम से सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्यरत हैं, जिनसे ग्रामीण इलाकों में सस्ती और गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। प्रदेश में 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है, जो बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, आधार सेवाओं सहित अनेक डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

प्रदेश की 5511 सहकारी समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य में 800 नए पैक्स का गठन किया गया है। मिलेट मिशन के अंतर्गत मंडुवा की एमएसपी बढ़ाई गई है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन, फूल उत्पादन आदि कार्यों के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है। आज प्रदेश में लगभग 1 लाख 70 हजार महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मेला पर्यटन विकास और स्थानीय संस्कृति व अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

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हल्द्वानी में हो रहे विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी और आस-पास के क्षेत्रों में अनेक विकास परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं—

हल्द्वानी में कैंसर संस्थान का निर्माण तेज गति से जारी।

करोड़ों की लागत से रिंग रोड और हल्द्वानी–लालकुआं बायपास का निर्माण प्रगति पर।

हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र की सभी सड़कों का सुधारीकरण।

पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने हेतु 1000 एकड़ भूमि स्थानांतरित, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण शुरू।

जमरानी बांध परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही, जल संकट का समाधान होगा।

हल्द्वानी–मुंबई के बीच लालकुआं एक्सप्रेस ट्रेन शुरू।

देश का पहला एस्ट्रो पार्क हल्द्वानी में बन रहा है।

उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में स्थापित होने जा रहा है।

लिगेसी वेस्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं की शुरुआत।

450 वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण जारी।

उधमसिंह नगर में हल्द्वानी से लगे क्षेत्र में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी का विकास प्रगति पर।

कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि—

प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून लागू किया गया है।

10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया गया।

250 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए।

शिक्षा सुधार के तहत मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया।

“ऑपरेशन कालनेमि” के तहत छद्मभेषधारियों पर सख्त कार्रवाई जारी।

देश का पहला समान नागरिक संहिता उत्तराखंड में लागू किया गया।

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देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से 4 वर्ष में 26,000 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली।

भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की गई।

महिलाओं और समितियों को बड़ी वित्तीय सहायता

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों के सशक्तिकरण के लिए—

दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये

एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के लिए 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।

माननीय सांसद अजय भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से हल्द्वानी सहित पूरे जनपद में विकास कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और परिवहन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सहकारिता मेला, सहकारिता के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद रहे

जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक भीमताल राम सिंह केड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्य, सुरेश भट्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सहकारिता से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधि, महिला समूह के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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