
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मंगलवार शाम से कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। अचानक हुई बारिश और सर्द हवाओं ने अप्रैल महीने में दोबारा ठंड का एहसास करा दिया है, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कुमाऊं के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई जगह कटाई का काम चल रहा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल गिरने और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका है और कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है।गेहूं की कटाई और मड़ाई बारिश की वजह से प्रभावित खेतों में फसल खराब हो रही है बे मौसम बारिश की वजह से किसान परेशान हो गए।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा 9 अप्रैल के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं।
तापमान में गिरावट, ठंड बढ़ी
पहाड़ी इलाकों में घने बादल छाए रहने और ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश से ठंड बढ़ गई है और लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है


