यहां जिंदा ग्रामीण को डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, अंतिम संस्कार से ठीक पहले हुआ खुलासा

Ad
खबर शेयर करें -

उत्तराखंड से एक बड़ा लापरवाही का मामला सामने आया है। दरअसल बीते दिन डोईवाला के अस्पताल में भर्ती कराए गए ग्रामीणों को डॉक्टरों ने मृत घोषित करते हुए परिजनों को सौंप दिया। लेकिन जब अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थी तो व्यक्ति की सांसें चलने लगी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह भी पढ़ें -  केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद श्री अजय भट्ट के निर्देशन में मिनीस्ट्री ऑफ डिफेंस के अधिकारियों श्री दीपक पन्त व विजय राणा ने गुरूवार को एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जनपद में किये जा रहे व प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की


जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले खानपुर क्षेत्र के कर्णपुर गांव के रहने वाले 60 वर्षीय अजब सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई। जिसके बाद परिवार वाले उन्हें डोईवाला के एक अस्पताल में ले कर गए। जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर काफी लो हो गया था। उपचार के दौरान उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।

चार दिनों तक अजब सिंह को वेंटिलेटर पर रखने के बाद उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। परिजनों के अनुसार बीते दिन डॉक्टर ने ग्रामीण को मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही वेंटिलेटर से हटा कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया। परिवार वाले उन्हें घर वापस ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारियां करने लगे।

यह भी पढ़ें -  जन्मदिन पर देश को पीएम मोदी का अनोखा तोहफा, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 8 चीतों को छोड़ा


इतने में जब उन्हें नहलाया जा रहा था तो उनकी सांसे चल रही थी। जब ग्रामीण की सांसे महसूस हुई तो पहले तो हर कोई हैरान रह गया। लेकिन लेकिन फिर परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल लक्सर के एक अस्पताल में ग्रामीण को भर्ती कराया है। जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीण के परिजन कहते हैं कि अस्पताल के चिकित्सक की शिकायत करेंगे।

Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999