काशीपुर में सड़कों पर दुकानों का खेल!, CM के अतिक्रमण हटाओ अभियान को नगर निगम दिखा रहा ठेंगा

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Kashipur nagar nigam

देवभूमि उत्तराखंड में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ निर्देश है कि सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और कोई रियायत न बरती जाए, उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यहां भाजपामय नगर निगम और महापौर दीपक बाली की सरपरस्ती में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों और फुटपाथों पर दुकानों के आवंटन का नया खेल चल रहा है। 

काशीपुर में सड़कों पर दुकानों का खेल!

काशीपुर का सीतापुर आंख अस्पताल रोड एक ऐसा अति-संवेदनशील और व्यस्त मार्ग जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज, एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। इसी मार्ग पर दो नामचीन स्कूल और आगे पोस्टमार्टम हाउस भी स्थित है। लेकिन नगर निगम प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखते हुए इसी संवेदनशील मार्ग पर कच्ची दुकानों का नया आवंटन शुरू कर दिया।

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काशीपुर नगर मिगम के फैसले पर जनता में आक्रोश

दूसरी तरफ, गिरीताल स्थित कॉलोनी के पास भी फुटपाथ पर नगर निगम द्वारा दुकानें बनाई जा रही थीं, जहां आज स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोलते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि फुटपाथ आम जनता के पैदल चलने के लिए होता है, अगर यहां दुकानें बन जाएंगी तो लोग चलेंगे कहां? बढ़ते विरोध को देखकर आज नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और लोगों से वार्ता की, जहां महापौर दीपक बाली और निगम प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली।

नियमानुसार नगर निगम को टाउन वेंडिंग पॉलिसी (Street Vending Policy) के तहत सिर्फ चिन्हित ‘वेंडिंग ज़ोन’ में ही दुकानें आवंटित करने का अधिकार है। अस्पताल, स्कूल और फुटपाथ जैसी जगहें ‘नो-वेंडिंग ज़ोन’ के तहत आती हैं, जहां दुकानें बनाना सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।

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कांग्रेस ने किया नगर निगम पर तीखा हमला

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने भी निगम की इस नीयत पर तीखा हमला बोला है। अलका पाल ने कहा निगम पहले गरीब दुकानदारों से तहबाजारी और आवंटन के नाम पर वसूली करता है, लेकिन बाद में शासन का दबाव आने पर अतिक्रमण हटाने का नाटक करके इन्हीं गरीबों को उजाड़ दिया जाता है। शहर में कई खाली सरकारी भूखंड मौजूद हैं जहां वेंडिंग ज़ोन बनाए जा सकते हैं, लेकिन फुटपाथों पर अवैध दुकानें तैयार करवाना सीधे-सीधे प्रशासनिक शह और भ्रष्टाचार का संकेत देता है। 

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राजनीति

अतिक्रमण हटाओ अभियान को नगर निगम दिखा रहा ठेंगा

मामला सिर्फ दुकानों के आवंटन का नहीं, बल्कि सरकारी शह पर पनप रहे नए अतिक्रमण का है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सड़कों से अवैध कब्जे साफ करने के सख्त निर्देश दे चुके हैं, वहीं काशीपुर में सड़कों और फुटपाथों पर आवंटित दुकानों का यह खेल खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस जनविरोध के बाद क्या उच्चाधिकारी नींद से जागकर इस अवैध आवंटन पर कोई कार्रवाई करते हैं, या फिर आम जनता को यूं ही इस प्रशासनिक मनमानी का खमियाजा भुगतना पड़ेगा।

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