

हल्द्वानी
• डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी पर किसान महासभा बागजाला द्वारा धरना प्रदर्शन
• डीएफओ से 8 सूत्रीय मांगों पर वार्ता
• डीएफओ ने कार्यवाही का आश्वासन दिया, नहीं होने पर किसान महासभा बागजाला की अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तराई पूर्वी वन प्रभाग कार्यालय हल्द्वानी के सम्मुख बागजाला गांव के विकास पर वन विभाग का अवरोध खत्म कर विकास कार्यों, निर्माण कार्यों, जल जीवन मिशन की योजना, बिजली कनेक्शन, रास्तों, सड़कों व नहरों की मरम्मत आदि की स्वीकृति दिए जाने की मांग संबंध में धरना प्रदर्शन किया गया.
धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि, बागजाला गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। गांव में जल जीवन मिशन, सड़कों की मरम्मत, नये निर्माण कार्यों की अनुमति, और नहरों की मरम्मत जैसी जरूरी विकास योजनाएं बजट स्वीकृत होने के बावजूद लंबे समय से वन विभाग द्वारा स्वीकृति न किए जाने के कारण रुकी पड़ी हैं। गांव के लोग पीने के पानी, बेहतर सड़क, सिंचाई और आवास जैसी मूलभूत जरूरतों से वंचित हैं, जबकि ये सभी अधिकार सरकार की योजनाओं के तहत सुनिश्चित होने चाहिए। बागजाला वासियों के 100 दिन के धरना आंदोलन के पश्चात् 24 नवंबर 2025 को हल्द्वानी के उप जिलाधिकारी की मध्यस्थता में हुए समझौते में तमाम विभाग के अधिकारियों के साथ ही वन विभाग के डीएफओ के प्रतिनिधि एसडीओ भी मौजूद थे, लेकिन वन विभाग द्वारा अभी तक अनुमति के नाम पर विकास कार्यों को रोका रहा है, यह जिला प्रशासन के द्वारा कराए गए समझौते का वन विभाग द्वारा साफ़ उल्लंघन है। जिससे आम जनता में भारी रोष है।
वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा, बागजाला गांव के लोगों को पानी, सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलना कहाँ का न्याय है.
किसान महासभा बागजाला कमेटी की अध्यक्ष डॉ उर्मिला रैस्वाल ने कहा, बागजाला विकास योजनाओं को रोकना जनविरोधी कदम है, आखिर बागजाला वासियों को कब तक वन विभाग की मनमानी सहनी पड़ेगी?
धरने के बाद डीएफओ से 8 सूत्रीय मांगों पर वार्ता हुई:
1. जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं को तुरंत स्वीकृति प्रदान की जाए।
2. गांव की सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्यों को बिना देरी के अनुमति दी जाए।
3. नहरों की मरम्मत कर किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
4. बरसाती नहर के किनारे रहने वाले लोगों के लिए पक्के रास्ते का निर्माण किया जाय और नहर के किनारों की मरम्मत की जाए।
5. बिजली और पानी के नए कनेक्शन लगाने का अनुमति पत्र जारी किया जाय।
6. विकास कार्यों में वन विभाग द्वारा डाली जा रही अनावश्यक बाधाओं को तुरंत समाप्त किया जाए।
7. डीएफओ महोदय द्वारा पूर्व में किसान महासभा के प्रतिनिधियों से किया गया गांव में स्ट्रीट लाइट/सोलर लाइट लगाने का वादा पूरा किया जाय।
8. वन विभाग द्वारा बागजाला वासियों को पूर्व में दिए गए सभी नोटिस वापस लिए जाएँ।
डीएफओ ने मांगों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया, अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि, वन विभाग की हठधर्मिता जारी रही तो हमारी जनहित में उठाई जा रही जायज मांगों को पूरा करने की मांग पर आज 6 अप्रैल को बागजाला गांव के लोग अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में जनआंदोलन की शुरूआत आपके तराई पूर्वी कार्यालय हल्द्वानी के सम्मुख एक चेतावनी धरने से कर रहे हैं, यदि अब भी समाधान न हुआ तो बागजाला वासियों को पुनः अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
आज के धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से आनंद सिंह नेगी, बहादुर सिंह जंगी, डॉ उर्मिला रैस्वाल, डॉ कैलाश पाण्डेय, वेद प्रकाश, विमला रौथाण, विमला आर्य, ललित मटियाली, हेमा देवी, पंकज चौहान, गणेश राम, मीना भट्ट, प्रेम सिंह नयाल, मो सुलेमान मलिक, रेशमा, परवेज अंसारी, धीरज कुमार, दिनेश आर्य, ललिता, ललित प्रसाद, जीवंती, अनीता अन्ना, उत्तम दास, रईस अहमद, दीवान सिंह बर्गली, नारायण दत्त जोशी आदि समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे.
डॉ उर्मिला रैस्वाल
अध्यक्ष
अखिल भारतीय किसान महासभा, बागजाला कमेटी


