
कोटमन्या(पिथौरागढ़)। गर्जिला धाम हनुमान मंदिर, नगीला गांव के मुख्य सेवक एवं बाबा नीम करौली महाराज के अनन्य भक्त संतोष बाबा के ब्रह्मलीन होने से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर से गर्जिला धाम, कोटगाड़ी मां कोकिला देवी क्षेत्र सहित उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों के श्रद्धालु गमगीन हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबा नीम करौली महाराज के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर कैंची धाम में दर्शन करने के बाद संतोष बाबा की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने इस नश्वर संसार को त्यागकर प्रभु के चरणों में विलीन हो गए। श्रद्धालु इसे उनकी आजीवन साधना और प्रभु श्रीहनुमान तथा नीम करौली महाराज के प्रति अटूट समर्पण का प्रतिफल मान रहे हैं।
संतोष बाबा ने वर्षों तक गर्जिला धाम हनुमान मंदिर में निस्वार्थ भाव से सेवा की। उनकी सादगी, तपस्या और भक्तिभाव के कारण वे क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान के केंद्र बने हुए थे। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं का कहना है कि उनका जीवन पूरी तरह प्रभु सेवा और लोककल्याण को समर्पित था।
संतोष बाबा के ब्रह्मलीन होने पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोक संतप्त भक्तों और क्षेत्रवासियों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
संतोष बाबा के निधन से गर्जिला धाम ने एक समर्पित सेवक और आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।


