सीबीएसई 12वीं में फेल होने पर छात्र ने दी जान, पूर्व पालिकाध्यक्ष के इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम

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काशीपुर के एक छात्र ने सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के बाद कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पूर्व पालिकाध्यक्ष का इकलौता बेटा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस परिवार को पोस्टमार्टम के लिए समझाने में जुटी रही।

जानकारी के अनुसार, महुवाखेड़ागंज निवासी पूर्व पालिकाध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी का 18 वर्षीय बेटा द्रोण चौधरी काशीपुर के हेरिटेज स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। बुधवार दोपहर सीबीएसई का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। द्रोण ने वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देखा तो वह परीक्षा में अनुत्तीर्ण पाया गया।

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बताया जा रहा है कि इससे वह बेहद आहत हो गया।
पुलिस के मुताबिक, द्रोण ने घर परिसर में बने बाथरूम में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उस समय उसकी मां सीमा चौधरी घर के कमरे में सो रही थीं। कुछ देर बाद जब वह बाथरूम की ओर गईं तो बेटे को फंदे से लटका देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर सीओ प्रकांत कुमार, आईटीआई कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विक्रम राठौर और पैगा चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक की बड़ी बहन दिल्ली में पढ़ाई करती है। देर शाम तक घर पर पुलिस और आसपास के लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

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सीओ प्रकांत कुमार ने बताया कि परिवार पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं है और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल परिजनों ने पढ़ाई के दबाव या अन्य किसी कारण को लेकर कुछ भी कहने से इनकार किया है।

आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं
हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के वरिष्ठ मनोविज्ञानी डॉ. युवराज पंत ने कहा कि परीक्षा में असफल होना जीवन की असफलता नहीं है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाना चाहिए और उनकी रुचि व क्षमता के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बच्चों की दूसरों से तुलना करने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाना जरूरी है।

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अगर आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक तनाव से गुजर रहा है, तो परिवार, दोस्तों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है। भारत में टेली-MANAS हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 पर सहायता उपलब्ध है।

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