भू – कानूनों में बदलाव से पहले स्थाई और मूल निवासियों की परिभाषा बताए धामी सरकार – हरीश रावत

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पहाड़ी आर्मी संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संस्थापक हरीश रावत ने कहा प्रदेश में बाहरी व्यक्तियों द्वारा कृषि योग्य भूमि की खरीद पर रोक लगाने का निर्णय मूल निवास व भू कानून की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से से ध्यान भटकने का चाल है देहरादून में आंदोलनकारियों की हजारों की संख्या में आई भीड़ और अनोदनकारियो की आंदोलन को तेज करने के आह्वान से सरकार डर गई है हरीश रावत ने मीडिया को जारी बयान में कहा प्रदेश सरकार अग्रिम आदेशों तक बाहरी व्यक्तियों के कृषि तथा औद्योगिक के उपयोग के लिए भूमि खरीद पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं सरकार और सत्ताधारी इस फैसले को राज्यहित में लिया गया बड़ा निर्णय बता रहे हैं लेकिन सवाल यह है की बाहरी और मूल निवासी की परिभाषा तय किए बिना सरकार का ऐसा आदेश जनता में ब्रह्म फैलाने के सिवाय कुछ नहीं है उन्होंने कहा हमारी मांग है की सरकार पहले मूल निवास को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें यह एक यह फैसला अस्थाई है सरकार जब चाहेगी गुपचुप तरीके से वापस ले लेगी यदि धामी सरकार इतना पहाड़ हितेषी है तो पूर्व में सरकारों से लिए गए फैसले तुरंत वापस लिए जाए और पहाड़ हित में हिमाचल की तर्ज में भू कानून लागू किया जाए और मूल निवास 1950 किया जाए और मूल निवासियों को प्रदेश में नौकरियों,और योजनाओं में आरक्षण दिया जाय।

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