
. लखनऊ। उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों की सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा में साल्वर गिरोह सक्रिय है। शनिवार सुबह वाट्सएप पर एक फर्जी प्रश्न पत्र का वीडियो वायरल कर किया गया। जिसमें पेपर मुहैया कराने के एवज में अभ्यर्थियों से 25 हजार की मांग की गयी।
भर्ती बोर्ड को ट्वीट कर बलिया, बनारस में पेपर लीक होने की बात कही गयी। इसके साथ ही यूट्यूब पर प्रश्न पत्र लीक होने का एक वीडियो वायरल किया गया।
इंटरनेट मीडिया पर फर्जी सूचना फैलाकर भम्र की स्थिति पैदा की गई। मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के मीडिया सेल निरीक्षक ने हुसैनगंज कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज कराए हैं। अब मुकदमों की संख्या सात हो गई।
निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 व 15 मार्च को दारोगा भर्ती की परीक्षा है। भर्ती बोर्ड का मीडिया सेल 24 घंटे वाट्सएप, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब और टेलीग्राम पर नजर रखे हुए है। निगरानी के दौरान 14 मार्च की सुबह 8:32 बजे वाट्सएप पर हेल्पर के नाम से फर्जी प्रश्न पत्र का वीडियो यूपी एसआइ एग्जाम 14 MARCH 2026 शिफ्ट -1 पर वायरल किया गया। जिसमें 25 हजार दो और पेपर लो की बात लिखी थी।
वहीं, निरीक्षक ने बताया कि 13 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत्ति बोर्ड के आधिकारिक एक्स हैंडल पर निहारिका सिंह के नाम से (@आइसिंहनिहारिका) 7:55 बजे एक पोस्ट किया गया। जिसमें कहा कि चेक कीजिए ठीक से पेपर लीक हो रहा है। बलिया, बनारस सेंटर पर भी पेपर आउट हो रहा है।
अलीगढ़ में दारोगा भर्ती परीक्षा शुरू, 21 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
निरीक्षक का कहना है कि अभ्यर्थियों को भ्रमित करने व पेपर लीक की फर्जी सूचना चलायी गयी। निहारिका सिंह की इस हरकत से परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसी तरह 14 मार्च को यूट्यूब चैनल @विराटविजिनके पर प्रश्न पत्र लीक होने और सरकार की छवि धूमिल करने का वीडियाे वायरल किया गया।
निरीक्षक ने हुसैनगंज कोतवाली में सरकारी कार्य में बाधा, आइटी एक्ट, सात आपराधिक कानून संशोधिन अधिनियम, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में तीन रिपोर्ट दर्ज करायी है। एसओ हुसैनगंज शिवमंगल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
एसटीएफ भी जांच में जुटी, अन्य की होगी गिरफ्तारी
लगातार प्रश्न पत्र वायरल होने के मामले में मुकदमे दर्ज होने पर एसटीएफ भी जांच में शामिल हो गई है। वह एसीपी हजरतगंज के साथ मिलकर आइपी एड्रेस ट्रेस कर रही है, ताकि अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जा सके। साथ ही गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जाएगी।


