
कर्णप्रयाग विवाद के बाद गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं से अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म की रक्षा के लिए है, न कि उनके दुरुपयोग के लिए। इसलिए श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाएं।
कर्णप्रयाग विवाद का ट्रस्ट ने लिया संज्ञान
ट्रस्ट की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि 23 मई से प्रारंभ हुई हेमकुंड साहिब यात्रा में अब तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। सभी श्रद्धालु यात्रा के महत्व और उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा और मर्यादा के साथ यात्रा करें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचे।
ट्रस्ट ने की शस्त्रों का यात्रा पर न लेन की अपील
ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने आगे कहा कि यात्रा के दौरान वाद-विवाद से बचें और कानून व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें। अपील में कहा गया है कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म की रक्षा के लिए है, न कि उनके दुरुपयोग के लिए। इसलिए श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाएं। विशेष रूप से यात्रा पर आने वाले छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार के शस्त्र साथ रखने से बचाया जाए।
ट्रस्ट ने की कानून हाथ में न लेने की अपील
ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में कहा कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है, जिसकी पहचान देश-दुनिया में देवभूमि के रूप में है। यहां बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, मां गंगोत्री, मां यमुनोत्री सहित अनेक पवित्र तीर्थस्थल स्थित हैं। इन्हीं पावन स्थलों में हेमकुंड साहिब का भी विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु यात्रा को पूरी आस्था, श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न करें। किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


