उत्तराखंड देश में नंबर-1!, केंद्र से मिला बड़ा सम्मान

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में उत्तराखंड ने पूरे देश में अपना परचम लहराया है। योजना के तहत मंजूर हुए मकानों का काम सबसे तेजी से जमीन पर उतारने (ग्राउंडिंग अनुपात) के मामले में उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य’ चुना गया है।

उत्तराखंड को केंद्र से मिला बड़ा सम्मान

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक खास कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्य को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। उत्तराखंड सरकार की ओर से शहरी विकास विभाग के निदेशक व अपर सचिव विनोद गोस्वामी और सहायक निदेशक राजीव पांडे ने यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।

88 फीसदी मकानों का काम शुरू, ग्राउंडिंग में भी सबसे आगे

पुरस्कार मिलने के बाद शहरी विकास विभाग के निदेशक विनोद गोस्वामी ने बताया कि PM आवास योजना (शहरी) 2.0 का सीधा मकसद शहरों में रहने वाले बेघर और गरीब परिवारों को पक्का मकान देना है। उत्तराखंड के लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल 3,979 मकानों की मंजूरी मिली थी। इनमें से 1,867 मकानों की ‘ग्राउंडिंग’ यानी नींंव रखने का काम पूरा हो चुका है।

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अगस्त 2026 में 1,647 नए मकानों को मंजूरी

केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में 1,647 नए मकानों को मंजूरी दी थी, जिसका बजट सितंबर 2026 में राज्य को मिला। अब राज्य सरकार यह पैसा स्थानीय निकायों (नगर निगमों और नगरपालिकाओं) को भेज रही है, ताकि बाकी बचे मकानों का काम भी तुरंत शुरू कराया जा सके।

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अब तक 2,332 मकानों के निर्माण के लिए फंड जारी किया है। इनमें से 88 प्रतिशत मकानों पर जमीनी काम शुरू भी हो चुका है। राज्य सरकार लगातार स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बिठाकर काम की निगरानी कर रही है ताकि निर्माण में कोई देरी न हो।

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PM आवास योजना 1.0 में भी रहा दमदार रिकॉर्ड

उत्तराखंड का प्रदर्शन सिर्फ योजना के दूसरे चरण में ही नहीं, बल्कि पहले चरण (PM आवास योजना 1.0) में भी बेहद शानदार रहा है प्रदेश में योजना के तहत 62,272 मकान मंजूर हुए थे। जिसमें से 53,320 पक्के मकान बन चुके हैं। केंद्र सरकार की ओर से 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा और राज्य सरकार की ओर से लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया।
हर वर्ग को मिला योजना का फायदा

योजना के अलग-अलग हिस्सों (कंपोनेंट्स) के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर काम हुआ है:-

  • लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): जिन लोगों के पास अपनी जमीन थी, उन्हें खुद का मकान बनाने के लिए मदद दी गई। इसके तहत 19,380 मकान बनकर तैयार हो चुके हैं।
  • भागीदारी में किफायती आवास (AHP): बिल्डरों या सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर बनने वाले कुल 15,960 मकानों में से 11,848 मकान पूरे बन चुके हैं। बाकी का काम भी आखिरी चरण में है।
  • ब्याज सब्सिडी योजना (CLSS): होम लोन लेकर घर बनाने वाले 19,190 लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से ब्याज पर सब्सिडी का सीधा फायदा मिला है।
    शहरी विकास विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य हर उस आखिरी पात्र परिवार तक पक्का मकान पहुंचाना है जो इसका हकदार है। निर्माणाधीन मकानों को जल्द से जल्द पूरा कराकर लोगों को उनकी चाबी सौंपने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है
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