उत्तराखंड में भी रहेगा सूर्य ग्रहण का प्रभाव , जानें दशकों बाद बन रहा यह दुर्लभ योग

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सूर्य ग्रहण के विषय में ज्‍योतिषविदों का मानना है कि इसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। शाम चार बजकर 29 मिनट से करीब डेढ़ घंटे तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा। सूतक काल का ग्रहण के दौरान खास महत्‍व है। भारत में सूर्य ग्रहण शाम 6 बजकर 9 मिनट के बाद समाप्‍त हो जाएगा। सूर्य ग्रहण 2022 से 12 घंटे पहले ही सूतक काल प्रभाव में आ गया है। सूर्य ग्रहण के चलते इस बार गोवर्धन पूजा 26 अक्‍टूबर को मनाई जाएगी वही भैया दूज का पर्व 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

खगोलविदों के मुताबिक दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को लग रहा यह सूर्य ग्रहण आइसलैंड में भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजकर 29 मिनट पर ही शुरू हो जाएगा। सूर्य ग्रहण 2022 शाम 6 बजकर 20 मिनट पर अरब सागर में खत्म हो जाएगा।

ज्योतिष के अनुसार भारत में यह सूर्य ग्रहण शाम लगभग 4 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 15 मिनट पर खत्म होगा सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने के 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा।
ज्‍योतिषविदों की मानें तो इस बार दिवाली भी ग्रहण के साये में मनाई गई है। क्‍योंकि नक्षत्र का दोष ग्रहण के एक दिन आगे और एक दिन पीछे तक माना जाता है। 24 अक्‍टूबर को रात में अमावस्‍या होने के कारण और अगली तिथि 25 अक्‍टूबर को भोर से ही सूतक काल लगने के चलते इस बार सूर्य ग्रहण 2022 के बारे में ज्‍योतिषी कह रहे हैं कि 27 साल के बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है।

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चारधाम समेत सभी मंदिरों के कपाट बंद, आज शाम ग्रहण काल की समाप्ति के बाद पूजा अर्चना के बाद खुलेंगे कपाट

ग्रहण काल के दौरान चारधाम समेत सभी मंदिरो के कपाट बंद हो जाएंगे। सुबह चार बजकर 26 मिनट पर कपाट बंद हो जाएंगे और शाम साढ़े पांच बजे बाद खुलेंगे। 25 अक्टूबर को 12 घंटे पहले सूतक प्रारंभ हो जाएगा, इसके चलते बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर समेत अन्य छोटे-बड़े मंदिर बंद रहेंगे। शाम को पांच बजकर 32 मिनट तक ग्रहण काल रहेगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और श्रद्धालु भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे। ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में दर्शन, पूजन, आरती नहीं होगी। ग्रहण काल की समाप्ति के बाद ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

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सूर्य ग्रहण दो प्रमुख त्योहार के बीच पड़ने के साथ बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी अपनी-अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। 25 अक्टूबर को लगने जा रहे सूर्यग्रहण के दौरान भी तुला राशि में राहु, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा रहेंगे जबकि कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण शुभ संदेश लेकर आने वाला है।


दिल्ली – शाम 4:28 से 5:42 तक

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मुंबई – शाम 4:49 से 6:09 तक
हैदराबाद – शाम 4:58 से 5:48 तक
बेंगलुरु – शाम 5:12 से 5:56 तक
चेन्नई – शाम 5:13 से 5:45 तक
कोलकाता- शाम 4:51 से 5:04 तक
भोपाल – शाम 4:42 से 5:47 तक
चंडीगढ़ – शाम4:23 से 5:41 तक
हरिद्वार- 4:15 से 5:32 बजे

सूर्य ग्रहण के दौरान क्‍या करें, क्‍या न करें…

सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ वर्जित रहेगा
सूर्य ग्रहण के दौरान रसोई न बनाएं
गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें
बच्‍चे और बुजुर्ग भी अतिरिक्‍त सावधानी बरतें
ग्रहण के दौरान शुभ कार्य न करें
सूतक काल प्रभावी रहने पर भगवान का ध्‍यान करें
सूतक काल में मंदिर का पट बंद हो जाता है
सूतक काल में यात्रा न करें
सूर्य ग्रहण के दौरान अराध्‍य देव का मंत्र जाप करें
सूर्य ग्रहण के बीच गायत्री मंत्र का जाप फलदायी होता है

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