
उत्तराखंड के टिहरी जिले में रविवार सुबह जंगल में चारा-पत्ती लेने गई महिला पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। भालू ने महिला को जमीन पर गिराकर उनके सिर, पैर, नाक और मुंह पर नाखूनों से हमला किया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। साथी महिलाओं के साहस के चलते उनकी जान बच सकी।
घायल महिला की पहचान सुलैना देवी के रूप में हुई है। उन्हें पहले स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला का इलाज जारी है।
बारिश के बीच जंगल में चारा लेने गई थीं महिलाएं
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह जौनपुर विकासखंड के धनोल्टी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत दबाली निवासी सुलैना देवी अपनी चार साथी महिलाओं के साथ वन विभाग की चौकी के पास जंगल में पशुओं के लिए चारा-पत्ती और घास लेने गई थीं। इसी दौरान जंगल में अचानक भालू ने सुलैना देवी पर पीछे से हमला कर दिया।
जमीन पर गिराकर महिला को नोंचने लगा भालू
अचानक हुए हमले से सुलैना देवी जमीन पर गिर गईं। इसके बाद भालू ने उनके सिर, पैर और नाक पर नाखूनों से हमला किया और उनके मुंह को बुरी तरह नोंचने लगा। गंभीर रूप से घायल महिला ने मदद के लिए चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया।
साथी महिलाओं ने दरांती से भालू को भगाया
सुलैना देवी की चीख-पुकार सुनकर पास में घास काट रही साथी महिलाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और दरांती से भालू को भगाने का प्रयास किया। महिलाओं के विरोध और शोर के बाद भालू सुलैना देवी को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घायल सुलैना देवी को जंगल से बाहर निकाला और उपचार के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया। महिला की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देहरादून रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
भालू के हमले से ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद दबाली और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे जंगल जाने वाले लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, जंगल में निगरानी रखने और भालू की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।


