
बिंदुखत्ता न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वनाधिकार संगठन के नेतृत्व में 15 अगस्त से चल रही घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा के 17वें दिन सोमवार को खुरियाखत्ता क्षेत्र में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी के चलते पदयात्रा ने विशाल रैली का स्वरूप ले लिया।
खुरियाखत्ता दुग्ध समिति से शुरू हुई पदयात्रा खुरियाखत्ता नंबर-1, नंबर-2 और मालूझत्ता होते हुए वापस दुग्ध समिति पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान पदयात्रा में शामिल लोगों ने घर-घर पहुंचकर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर लोगों को जागरूक किया।
आयोजकों के अनुसार पदयात्रा के दौरान 200 से अधिक घरों तक जनसंपर्क किया गया। वहीं लगभग 500 से अधिक महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने आंदोलन के प्रति बढ़ते जनसमर्थन का संदेश दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों के शामिल होने से पूरे क्षेत्र में पदयात्रा आकर्षण का केंद्र बनी रही।
पदयात्रा के दौरान लोक गायक जीवन पांडे ने जनकवि गिरदा के जनगीतों की प्रस्तुति देकर माहौल में जोश भर दिया। जनगीतों के बीच पदयात्रा में शामिल लोगों ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को जोरदार तरीके से बुलंद किया।
वहीं बटुकेश्वर महादेव मंदिर में सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक झोड़ा और चांचरी की प्रस्तुति दी। महिलाओं ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की कामना के साथ भगवान महादेव से आशीर्वाद भी लिया। आंदोलन और उत्तराखंड की लोक संस्कृति का यह अनूठा संगम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
पदयात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए ग्रामीणों के बीच आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा और विशाल रैली को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना था कि जब घर-घर जनसंपर्क अभियान की पदयात्रा में ही इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं तो 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा और रैली में बड़ी भीड़ जुट सकती है।
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग अब अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि घर-घर पहुंच रही पदयात्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग अब केवल कुछ लोगों की मांग नहीं रह गई है, बल्कि पूरे बिंदुखत्ता की सामूहिक आवाज बन चुकी है।
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव एडवोकेट बलवंत बिष्ट, उपाध्यक्ष भरत नेगी, दीपक जोशी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी और खुरियाखत्ता पदयात्रा संयोजक रमेश गोस्वामी सहित नंदन बोरा, दीपक नेगी, भूपेश जोशी, दौलत कोरंगा, करम सिंह कोरंगा, प्रताप बिष्ट, हरीश कोरंगा, उदय सिंह मेहरा, मोहन सिंह बोरा, मोहनी मेहता, द्रोपदी देवी, भारती देवी, मोतिमा देवी, रुकमा देवी और जानकी देवी समेत सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल रहे


