
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने हल्द्वानी नगर निगम के तल्ली बमौरी वार्ड से निर्वाचित पार्षद राजेंद्र सिंह जीना के निर्वाचन को निरस्त करते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। अदालत ने नामांकन पत्र के साथ आपराधिक मुकदमों की जानकारी न देने को भ्रष्ट आचरण मानते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि तीन माह के भीतर उक्त वार्ड में पुनः चुनाव कराया जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आगामी चुनाव में राजेंद्र सिंह जीना चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे।
अदालत ने यह भी कहा कि भविष्य में सभी प्रत्याशियों को नामांकन प्रपत्र के साथ अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मुकदमों का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा। निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इसका परीक्षण कर विधिसम्मत निर्णय लेंगे।
जानकारी के अनुसार, 25 जनवरी 2025 को घोषित नगर निगम चुनाव परिणाम में तल्ली बमौरी वार्ड से राजेंद्र सिंह जीना 836 मत प्राप्त कर विजयी घोषित हुए थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी गिरीश नैनवाल को 771 तथा तीसरे प्रत्याशी को 111 मत मिले थे।
परिणाम घोषित होने के बाद गिरीश नैनवाल ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा-62 के तहत चुनाव याचिका दायर कर जीना के निर्वाचन को चुनौती दी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जीना ने नामांकन के दौरान दाखिल शपथपत्र में अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। इसके समर्थन में मुकदमों का ब्यौरा भी अदालत में प्रस्तुत किया गया।


