सितारगंज में प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत: प्रेमी ने बात बंद की तो महिला ने ई-रिक्शा में खुद को लगाई आग, 4 दिन बाद मौत; प्रेमी गिरफ्तार

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सितारगंज न्यूज़- करीब तीन साल पुराने प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत हो गया। प्रेमी द्वारा स्वजन के दबाव में बातचीत बंद करने से परेशान महिला ने सितारगंज पहुंचकर ई-रिक्शा में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी महिला ने चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 19 अगस्त को एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद अब उसके प्रेमी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

मामला मुखर्जी नगर, रुद्रपुर निवासी दयाल चंद्र मंडल की बेटी सरस्वती से जुड़ा है। उन्होंने शक्तिफार्म के बैकुंठपुर निवासी पवित्र सरकार पर अपनी बेटी के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में सामने आया कि सरस्वती ने स्वयं पेट्रोल डालकर आग लगाई थी।

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जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना से पहले पवित्र सरकार द्वारा सरस्वती को मानसिक रूप से परेशान किए जाने और संबंध बनाए रखने के लिए दबाव डालने के तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, पवित्र शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। एक संस्था के माध्यम से काम करने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद उनके बीच करीब तीन साल तक प्रेम संबंध रहे।

पति से अलग होकर मायके में रह रही थी सरस्वती

सरस्वती पारिवारिक विवाद के चलते अपने पति से अलग होकर दो बेटियों के साथ मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसका पवित्र सरकार से संपर्क हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसकी जानकारी पवित्र की पत्नी और स्वजन को हुई तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।

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विवेचना के अनुसार, पवित्र सरस्वती पर संबंध बनाए रखने के लिए दबाव डालता था और उसके बिना नहीं रहने की बात कहता था। दूसरी ओर सरस्वती ने अपनी मां को बताया था कि पवित्र उसे परेशान कर रहा है और शादी करने के लिए दबाव बना रहा है। वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी।

पंचायत के बाद पवित्र ने बंद कर दी बातचीत

परिवार के विरोध के बाद पवित्र ने सरस्वती से बातचीत बंद कर दी। इस दौरान सरस्वती के नशीला पदार्थ खाने की बात भी सामने आई। उपचार के बाद वह पवित्र से मिलने शक्तिफार्म पहुंची थी। दोनों पक्षों को चौकी बुलाकर पंचायत कराई गई।

पुलिस के मुताबिक पंचायत में पवित्र ने परिवार के दबाव में सरस्वती से आगे संबंध नहीं रखने की बात कही और अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन तक बातचीत नहीं होने के कारण सरस्वती परेशान हो गई। इसके बाद 15 अगस्त को वह सितारगंज पहुंची और पवित्र के ई-रिक्शा में बैठकर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।

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80 प्रतिशत झुलसी महिला ने चार दिन बाद तोड़ा दम

आग की चपेट में आने से सरस्वती करीब 80 प्रतिशत झुलस गई थी। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 19 अगस्त को एम्स ऋषिकेश में उसकी मौत हो गई।

मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किए जाने की धारा बढ़ाई। सीओ डीआर वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी में धारा 118(1), 118(2) बीएनएस को धारा 108 बीएनएस में तरमीम किया गया है। पवित्र सरकार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

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