सोशल मीडिया पर छाया #1MinForCancerAwareness अभियान, सामने आई मौन समर्थन की प्रेरक तस्वीरें

खबर शेयर करें -

 

1 min cancer day

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया #1MinForCancerAwareness अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलता हुआ एक जनआंदोलन बन गया। देश के विभिन्न स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और संगठनों ने इस पहल में भाग लेते हुए कैंसर जागरूकता के लिए एक मिनट का मौन रखकर समर्थन व्यक्त किया।

इस अभियान का उद्देश्य था युवाओं और बच्चों के बीच यह संदेश पहुंचाना कि जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 4 फरवरी को दिन भर कई विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने एक साथ खड़े होकर कैंसर से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

यह भी पढ़ें -  अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड सेवाएं शुरू: क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत
#1MinForCancerAwareness

उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों से संस्थानों ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से मेयो कॉलेज, मोदी स्कूल, सनराइज एकेडमी, ज्ञानंदा इंटरनेशनल स्कूल, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल, श्री सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज गीता भवन, श्री गुरु नानक दून वैली स्कूल, हैलो किड्ज़ स्कूल और द चेरी किड्स ने बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इसके साथ ही ITBP, भारतीय सेना, एम्बर ग्रुप ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया।

यह भी पढ़ें -  देहरादून :(बड़ी खबर) इन IPS अधिकारियों के हुए तबादले

#1MinForCancerAwareness

देश के अलग अलग शहरों से छात्रों के मौन खड़े रहने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिनमें #1MinForCancerAwareness और #1MinOfSilence हैशटैग प्रमुखता से दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने यह दिखाया कि नई पीढ़ी न केवल संवेदनशील है बल्कि सामाजिक स्वास्थ्य मुद्दों को समझने और उस पर आवाज उठाने के लिए भी तैयार है।

#1MinForCancerAwareness

कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. सुमिता प्रभाकर ने इस पहल को युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि जब बच्चे कम उम्र से ही जागरूक होते हैं, तो वे अपने परिवार और समाज में भी सही संदेश फैलाते हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड- यहाँ हाईवे पर लगे साइन बोर्ड के पोल से टकराई कार, एक की मौत, तीन गंभीर घायल

एक मिनट का यह मौन केवल श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि जागरूकता ही कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत है। छोटी पहलें मिलकर बड़े बदलाव की नींव रखती हैं, और इस अभियान ने यह साबित कर दिया कि संवेदनशील युवा पीढ़ी भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ समाज की मजबूत ढाल बन सकती है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad
Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999