238 चुनाव हारकर भी बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, जानिए इस नेता की अनोखी कहानी

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लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान किया जाएगा। इस समय चारों तरफ लोकसभा चुनावों की चर्चा है। हर कोई इस बात पर चर्चा कर रहा है कि इस बार किस सीट से कौन सा उम्मीदवार जीत सकता है। ऐसे में आज हम आपको ऐसे उम्मीदवार के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होनें चुनाव जीतकर नहीं बल्कि चुनाव हारकर रिकॉर्ड बन लिया है। यह शख्स इतनी बार चुनाव हारा कि उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल हो गया है। आइये जानते हैं उस शख्स के बारें में।


सबसे ज्यादा चुनाव हारने वाले शख्स की कहानी
सबसे ज्यादा चुनाव हारने वाले इस शख्स का नाम के. पद्मराजन है जो तमिलनाडु के मेट्टूर के रहने वाले हैं । पद्मराजन को इलेक्शन किंग के नाम से भी जाना जाता है। इन्होनें पहली बार साल 1988 में मेट्टूर से चुनाव लड़ा था। अब तक वो 238 बार चुनावों में खड़े हुए और हर बार हारे हैं। पद्मराजन के अगर सबसे अच्छे प्रदर्शन की बात करें तो वह साल 2011 में देखने को मिला जब उन्हें मेट्टूर विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए कुल 6,273 वोट मिले थे।

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लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम शामिल
अगर हम रिकॉर्ड बनाने की बात करें तो हमने कई तरह के रिकॉर्ड सुनें हैं लेकिन हार के इस रिकॉर्ड के बारे में शायद ही कभी सुना होगा जो के. पद्मराजन ने बनाया है। भारत के सबसे असफल उम्मीदवार के रुप में के. पद्मराजन ने अपनी पहचान बनाई है। चुनाव में वो इतनी बार हार चुके हैं कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उनका नाम शामिल हो चुका है।

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वहीं जब से के. पद्मराजन ने चुनाव लड़ना शुरु किया है, उनके लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होनें चुनाव में अब तक 1 करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिया है। इस साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव में भी के. पद्मराजन खड़े हो रहे हैं। इस साल पद्मराजन तमिलनाडु के धर्मपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस बार जीतते हैं या हार का एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करते हैं।

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