
सहारनपुर मस्जिद धराशायी हो गई है। कलेक्ट्रेट परिसर में 315 वर्गमीटर विवादित जमीन पर बनी इस मस्जिद को गिराने में महज तीन घंटे का समय लगा। जबकी अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाए जाने वाली इस मस्जिद पर फैसला आने में 477 दिन लग गए।
3 घंटे में धराशायी हुई सहारनपुर मस्जिद
24 मार्च 2025 को जांच के बाद हल्का लेखपाल ने वाद दाखिल किया। जिसको लेकर इसी साल 16 जुलाई को न्यायालय ने अपने 37 पेज के निर्णय में मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण घोषित किया।
24 मार्च 2025 को दाखिल हुआ था वाद
24 मार्च 2025 को दाखिल हुए वाद में पठानपुरा हल्के के लेखपाल नीरज कुमार ने बताया था कि खसरा नंबर-539 की 28.04 बीघा जमीन सरकारी राजस्व अभिलेखों में कचहरी-कलक्ट्रेट परिसर के नाम दर्ज है। इसी परिसर में डाकघर भी स्थित है। बाद में यहां दूसरे सरकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए डाकघर को विश्रामस्थल वाली जगह पर शिफ्ट कर दिया गया।
जांच में आरोप
ये विश्रामस्थल वादकारियों की सुविधा के लिए बनाया गया था। लेकिन जांच में आरोप है कि कुछ लोगों ने इसके भूतल और ऊपरी मंजिल पर अवैध कब्जा कर वहां नमाज पढ़ने-पढ़ाने का काम शुरू कर दिया। साथ ही डाकघर से किराया भी वसूले जाने की बात सामने आई। मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के नाम पर कूटरचित अभिलेख दिखाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।


