भीमताल में निकिता की मौत के बाद भड़का जनाक्रोश: विधायक अफसरों पर बिगड़े, गांव के लोगों ने अधिकारियों का किया घेराव

खबर शेयर करें -

भीमताल में आदमखोर के हमले में लगातार हो रही मौतों से स्थानीय विधायक राम सिंह कैड़ा भी गुस्से में हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की लापरवाही से लगातार घटनाएं हो रही हैं।

उन्होंने देर रात गांव पहुंचकर अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। वहीं पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते हुए आदमखोर के आतंक से जल्द निजात दिलाने की बात कही। मंगलवार को हुए घटनाक्रम की ग्रामीणों ने विधायक को सूचना दी। इस पर उन्होंने तुरंत वन अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग की लापरवाही से लगातार तीसरी घटना हुई है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी आदमखोर को पकड़ा नहीं जा सका है। विधायक राम सिंह कैड़ा ने डीएफओ से अपनी टीम के साथ गांव में जाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात कही। वहीं गांव में पिंजरा लगाकर जल्द से जल्द आदमखोर को पकड़ने के लिए कहा।
बीते 13 दिनों में तीन लोगों की मौत से भीमताल ब्लॉक की जनता गुस्से में है। मंगलवार को घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों को लोगों का आक्रोश झेलना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था आदमखोर के लगातार हमला करने के बाद भी विभाग लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।

यह भी पढ़ें -  nainital -कोयले की गैस लगने से तीन लोगों की मौत

डीएफओ चंद्र शेखर जोशी के मौके पर पहुंचते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते कहा कि विभाग को कई बार आदमखोर के खतरे के बारे में जानकारी दी गई, इसके बाद भी उसे पकड़ने के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए। आरोप लगाया कि पांच बजे हुई घटना की तुरंत सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम छह बजे के बाद मौके पर पहुंची। एसडीएम प्रमोद कुमार का घेराव करते हुए ग्रामीणों ने कहा, जब लोगों को आदमखोर दिख रहा है तो वन विभाग की टीम को नजर क्यों नहीं आ रहा। जल्द आदमखोर के आतंक से निजात नहीं दिला पाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को घर से कुछ दूरी पर ही निकिता को आदमखोर ने अपना निवाला बना लिया। जब आदमखोर शव को अपने साथ ले जा रहा था तभी साथी महिलाओं और खेत में काम कर रहे पिता की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने तुरंत शोर मचाया तो आदमखोर भाग गया। सभी लोग सामान मौके पर ही फेंक कर दौड़ पड़े।
डीएफओ चंद्रशेखर जोशी कहते है कि हमलावर गुलदार या बाघ यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। इस क्षेत्र में कोई कैमरा और पिंजरा नहीं लगा था। जल्द यहां भी कैमरे व पिंजरे लगाए जाएंगे। मौके पर 15 लोगों की टीम मौजूद है। ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने की अपील की जा रही है।

Advertisement