
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े चर्चित विवाद में उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को बड़ा झटका लगा है।देहरादून स्थित SC-ST एक्ट की विशेष अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल की कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में SC-ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध के तत्व मौजूद हैं, इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
बचाव पक्ष की दलील
गिरधारी की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता उनकी पत्नी हैं और मंत्री हैं, वह उन्हें गिरफ्तार करवा सकती हैं। दोनों की शादी को 22 साल हो गए हैं। यह घरेलू और पैसों का विवाद है, आरोप अस्पष्ट हैं। घटना घर के अंदर हुई है, इसलिए सार्वजनिक स्थल की श्रेणी में नहीं आती।
अभियोजन का विरोध
विशेष लोक अभियोजक गोविंद सिंह ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि FIR के अनुसार गिरधारी ने आवास पर स्टाफ की मौजूदगी में जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। अन्य लोगों की मौजूदगी से इसे बंद कमरे की घटना नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की स्थिति, स्थान और मंशा जांच का विषय है। सिर्फ घर के अंदर होने से SC-ST एक्ट के प्रावधान खत्म नहीं होते।
अब ऐसे में पति गिरधारी लाल की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है


