
रविवार, 19 जुलाई को एसडीआरएफ को सूचना मिली कि थाना कैंट क्षेत्रान्तर्गत संतला देवी मंदिर के समीप नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की वजह से सात व्यक्ति नदी के बीच बने टापू पर फंस गए हैं।
ऐसे में तत्काल रेस्क्यू की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सहस्त्रधारा से उप निरीक्षक राजबर राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
उफनती नदी के बीच टापू पर फंसे सात व्यक्ति
घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव अत्यधिक बढ़ चुका था। चारों ओर से उफनती धारा से घिरे सभी व्यक्ति नदी के बीच बने टापू पर फंस गए थे। किसी भी प्रकार स्वयं सुरक्षित बाहर निकल पाना संभव नहीं था। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम ने सिविल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बिना विलंब रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया।
SDRF ने चलाया अभियान
तेज बहाव, फिसलनयुक्त तट और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने उच्च स्तरीय पेशेवर दक्षता, सूझबूझ और साहस दिखाया। विशेष रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से सभी सात व्यक्तियों तक सुरक्षित पहुंच बनाई। सुनियोजित और जोखिमपूर्ण अभियान के दौरान सभी व्यक्तियों को एक-एक कर सुरक्षित नदी से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
सभी 7 को सुरक्षित निकाला बाहर
एसडीआरएफ कुशल रेस्क्यू के चलते एक संभावित जनहानि को टाला। सभी सात व्यक्तियों का जीवन सुरक्षित बचाया गया।
रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों के नाम :-
- मुकेश पुत्र महादेव, निवासी बल्लीवाला, उम्र 35 साल।
- सुशील पुत्र इंद्रदेव, निवासी सीमा द्वार, उम्र 36 साल।
- प्रेम कुमार पुत्र महेंद्र, निवासी सीमा द्वार, उम्र 27 साल।
- रोशन गुप्ता पुत्र जनार्दन गुप्ता, निवासी सीमा द्वार, उम्र 32 साल।
- राजीव पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी सीमा द्वार, उम्र 30 साल।
- पवन सिंह पुत्र इंद्रदेव, निवासी सीमा द्वार, उम्र 25 साल।
- सूरज साहनी पुत्र सिताराम साहनी, निवासी सीमा द्वार, उम्र 30 साल।


