
उत्तराखंड पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि परियोजना का काम तय समय के अनुसार चल रहा है। इसके पूरे होने से ये भारत का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे बनकर सामने आएगा।
देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार
देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट में टोटल 6 टावरों के फाउंडेशन पूरे हो चुके हैं। अब पिलर्स का इरेक्शन और बाकी अन्य निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए आवश्यक सामग्री भी समय पर साइट पर पहुंच चुकी है। खबरों की माने तो देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट 300 करोड़ की लागत (dehradun mussoorie ropeway project cost) से बनाया जा रहा है।
देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट कब होगा चालू?
पर्यटन सचिन ने बताया कि वैसे तो इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मौजूदा समय में इसकी गति को देखते हुए इसे पहले भी चालू हो सकता है।
बता दें कि ये रोपवे करीब 5.2 किमी लंबा (dehradun to mussoorie ropeway distance) मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला सिस्टम होगा। जो कि दोनों दिशाओं में चलेगा। इसके जरिए हर एक घंटे में करीब 500 यात्री सफर कर सकेंगे।
हर घंटे 500 यात्री कर सकेंगे सफर
इस रोपवे के शुरू होने के बाद देहरादून-मसूर मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। खासकर चार धाम यात्रा और पर्यटन सीजन के समय लोगों को जाम से मुक्ती मिल सकती है।
15 से 20 मिनट में पूरा होगा देहरादून से मसूरी पहुंचने का सफर
रोपवे के शुरू होने से जहां अभी देहरादून से मसूरी पहुंचने में 1 से 2 घंटे का समय लगता है। तो वहीं इसके बाद केवल 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इससे ना सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी। बल्कि उत्तराखंड पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा


