डॉ. ऋतु रखोलिया ने बाल तंत्रिका विज्ञान और विकास में हासिल की फैलोशिप, बच्चों के न्यूरोलॉजिकल विकास, व्यवहार और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के उपचार में बढ़ेगी विशेषज्ञता

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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग डॉ. ऋतु रखोलिया ने बाल तंत्रिका विज्ञान और विकास (पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी एंड डवलपमेंट) विषय में 12 माह की दूरस्थ शिक्षा फैलोशिप सफलतापूर्वक पूरी की है। यह कार्यक्रम इमरजेंसी क्राइसिस मैनेजमेंट सॉल्यूशंस द्वारा आयोजित किया गया, जिसे इंटरनेशनल एक्रीडिटेशन ऑर्गेनाइजेशन (IAO) से मान्यता प्राप्त है। कार्यक्रम को संयुक्त रूप से स्टेटपल्स, यूएसए और लर्न ईएम, ऑस्ट्रेलिया का समर्थन प्राप्त है।इस फैलोशिप के माध्यम से डॉ. रखोलिया ने बच्चों में होने वाली तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों, मस्तिष्क के विकास, व्यवहार संबंधी समस्याओं और न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों के आधुनिक प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाल तंत्रिका विज्ञान चिकित्सा की वह विशेष शाखा है जिसमें बच्चों के मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन एवं उपचार किया जाता है। बच्चों में मिर्गी, विकास में देरी, बोलने या चलने में परेशानी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियां और न्यूरो-डेवलपमेंटल समस्याओं की पहचान और बेहतर देखभाल इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती वर्षों में मस्तिष्क का विकास बहुत तेजी से होता है। इस दौरान किसी भी विकासात्मक समस्या की समय पर पहचान और उचित उपचार बच्चे के भविष्य के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बेहतर बना सकता है।डॉ. ऋतु रखोलिया की इस उपलब्धि से क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान और नवीनतम उपचार पद्धतियों का लाभ मिलने की उम्मीद है। उनके इस प्रशिक्षण को चिकित्सा क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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