शिक्षा व आर्थिक स्वालंबन से ही सार्थक होगा महिला सशक्तिकरण

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  • ब्लाक मुख्यालय में हुई बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश, महिला मुद्​दों पर समन्वय बनाकर कार्य करें विभागीय अधिकारी, हर सरकारी व गैर सरकारी, सामुदायिक भवनों में चस्पा हो महिला हेल्प लाइन नंबर

रामनगर: राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने जिला स्तरीय अधिकारियों को महिला संबंधी मुद्​दों पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वालंबन से ही महिला सशक्तिकरण सार्थक होगा। वहीं ड्राप आउट पर विशेष कार्य करें ताकि कोई बेटी अशिक्षित ना रहे और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान जमीन पर सार्थक हो सके।


ब्लाक सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़े। महिलाओं को अक्सर सरकार के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी नहीं होती। इसलिए आवश्यक रुप से महीने में दो बार जिले, ब्लाकों के मुख्यालय में जागरुकता अभियान चलाए। महिला अपराधों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अक्सर रेगुलगर, राजस्व पुलिस के बीच मामला लटकने से अपराधियों को बच निकलने का मौका मिल जाता है। थानों में जो महिला हेल्प डेस्क है। वह थानों से निकलकर मोहल्लों, गांवों में भी जागरुकता अभियान चलाए। पीड़ित महिलाओं की काउंसिलिंग को बेहतर तरीके से करने के लिए आवश्यक रुप से मनोचिकित्सक की भी मदद लें।

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गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए अलार्म सिस्टम विकसित किया जाए। गांव व माेहल्ले की आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम को यह जिम्मेदारी दे। अगर कोई गर्भवती महिला उनके क्षेत्र में है तो उसे एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराएं। ताकि सुरक्षित तरीके से प्रसव हो सके। अगर इसके बाद भी किसी गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मौत होती है तो जिम्मेदार के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराएं। पर्यटन में रोजगार की अपार संभावनाएं है। पर्यटन व्यवसाय के लिए महिलाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए उनको मोटिवेट करें। ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बाद भी पुरुष ही हावी है। इसके लिए समय-समय पर महिलाओं का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। ताकि महिलाएं ग्राम पंचायतों में मजबूती से कार्य कर सके। उद्यम करने वाली महिलाओं को समय-समय पर सम्मानित करें ताकि अन्य प्रेरित हो सकें।
एक काम सभी विभाग, ग्राम स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी करें। महिला और अन्य हेल्प लाइन नंबर सभी पंचायत घरों, सामुदायिक भवनों, विभागीय कार्यालयों के बाहर मोटे-मोटे अक्सरों में चस्पा करें। सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। एक विभाग पर जिम्मेदारी नहीं थोप सकते। विभागीय सहभागिता होगी तभी जन सहभागिता की ओर आगे बढ़ सकते हैं।

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कविता दूसरे के लिए है प्रेरणास्रोत
रामनगर: राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा बसई में एसिड अटैक पीड़िता कविता बिष्ट से मिली। उन्होंने उनके स्वरोजगार के कार्य को सराहा। कविता ने अपने को कमजोर नहीं होने दिया। वह अपने बल पर गरीब महिलाओं को स्वरोजगार दे रही है। उनके बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा, वेस्ट मैटेरियल का कैसे उपयोग किया बता रही हैं। दिव्यांगों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर महिलाओं को ऐसी जगहों का भ्रमण करना चाहिए। ताकि वह भी प्रेरित हो सकें।

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गांव-गांव में हो ऐसे कार्य
रामनगर: महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने ब्लाक मुख्यालय स्थित ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण किया। वहां महिला उद्यमियों के कार्यों की काफी सराहना की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गांव-गांव में ऐसे ग्रोथ सेंटर विकसित करने को कहा। ताकि आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके। काष्ठ की बेहतरीन कलाकृतियों को देख उन्होंने इस कला को और बढ़ावा देने को कहा। पर्यटन क्षेत्रों में इसकी काफी डिमांड है।

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