वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने की प्रेस वार्ता, कहा- आने वाले समय में वित्त प्रबंधन और बेहतर

खबर शेयर करें -

वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि पूंजीगत बजट को लेकर हमेशा सवाल ख़र्च को लेकर उठते थे। लेकिन पहली बार पूंजीगत बजट खर्च को लेकर जो लक्ष्य रखा गया था उस लक्ष्य को हासिल किया गया है।इसके साथ ही कहा कि आने वाले समय में वित्त प्रबंधन और बेहतर होगा।

वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने की प्रेस वार्ता
वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन में अभिवृद्धि राज्य की शीर्ष प्राथमिकता है। सुनहरे भविष्य के लिए निजी क्षेत्र में निवेश की वृद्धि के साथ-साथ सार्वजनिक निवेश में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार में भी राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए “स्कीम फॉर स्पेशियल एसिस्टेटस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2023-24“ के अन्तर्गत राज्यों के लिए सितम्बर 2023 तक पूंजीगत व्यय के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

यह भी पढ़ें -  जेडीए में लंबित 200 पत्रकारों सहित सभी पत्रकारों को भूखंड देने की मांग

ऐतिहासिक प्रवृत्ति के आधार पर ये लक्ष्य चुनौतीपूर्ण
उत्तराखण्ड राज्य के लिए वार्षिक लक्ष्य 8797 करोड (SAS स्कीम में निवेश के अतिरिक्त) का 45 प्रतिशत पूंजीगत व्यय करने का लक्ष्य था। इस प्रकार लगभग 4000 करोड़ (SAS स्कीम के अतिरिक्त) के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य था। मंत्री ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वित्त विभाग ने विशेष प्रयत्न किए। बजट प्रावधान के अनुरूप धनराशि आवंटन करने के साथ-साथ पुर्नवियोग, आकस्मिकता निधि व अनुपूरक बजट के माध्यम से आवश्यकतानुसार प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  कांग्रेस से लगा करारा झटका ब्लॉक प्रमुख ने दिया इस्तीफ

वित्त मंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक प्रवृत्ति के आधार पर ये लक्ष्य चुनौतीपूर्ण था। विगत वर्षों में प्रथम छह महीने में अधिकतम 2805 करोड़ का ही पूंजीगत व्यय किया गया था। महालेखाकार से प्राप्त आंकडों के आधार पर साल 2019-20, 2020-21 2021-22, 2022-23 में क्रमशः रू० 1695 करोड़, रू० 1082 करोड़, रू० 2805 करोड़ व रू0 2138 करोड का पूंजीगत व्यय किया गया।

वित्त विभाग की समीक्षा के बाद दिखी पूंजीगत परिव्यय में वृद्धि
मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रारम्भिक महीनों में पूंजीगत व्यय की प्रगति धीमी थी। वित्त विभाग के तत्वावधान में गहन समीक्षा के उपरान्त पूंजीगत परिव्यय में तेज वृद्धि देखी गई। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के फलस्वरूप सुखद परिणाम आने लगे। 29 सितम्बर 2023 तक लगभग रू0 4800 करोड़ (4798 करोड़) पूंजीगत परिव्यय हो गया है।

यह भी पढ़ें -  समतलीकरण के नाम पर क्रेशरौ को पट्टे देने से स्थानीय वाहन स्वामी बेरोजगार होने के कगार पर

मंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जहाँ एक ओर “स्कीम फॉर स्पेशियल एसिस्टेटस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2023-24“ की तृतीय किस्त पाने के लिए राज्य अर्ह हो गया है वहीं दूसरी और यह पूंजीगत निवेश के क्षेत्र में राज्य की नई क्षमता का प्रतीक है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad
Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999