
हल्द्वानी न्यूज़– कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी कॉलेज के प्रिंसिपल की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजी गई। एहतियातन एमबीबीएस से लेकर एमडी और एमएस तक की सभी शैक्षणिक कक्षाएं तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई हैं।
संदिग्ध ईमेल मिलते ही पुलिस को सूचना
प्रिंसिपल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंच गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेरते हुए सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। कॉलेज के मुख्य भवन, छात्रावास, लैब और लाइब्रेरी की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई
- डॉग स्क्वायड और BDDS की तैनाती
- अस्पताल और कॉलेज परिसर की चेकिंग
- छात्रावासों की विशेष निगरानी
- संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं करतीं, तब तक नियमित कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
छात्रों को एडवाइजरी जारी
कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से परिसर में न आने की सख्त सलाह दी है। हॉस्टल में रह रहे छात्रों को भी सतर्कता बरतने और अफवाहों से बचने को कहा गया है।
साइबर सेल की जांच शुरू
पुलिस की साइबर सेल टीम धमकी भरे ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में इसे शरारत या सनसनी फैलाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

5 दिन पहले 6 अदालतों को भी मिली थी धमकी
उल्लेखनीय है कि 19 फरवरी को उत्तराखंड की छह अदालतों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें नैनीताल हाईकोर्ट सहित देहरादून, नैनीताल, चंपावत, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जिला न्यायालय शामिल थे। नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को तीसरी बार धमकी भरा ईमेल मिला था।
स्थिति पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।


