हीट वेव अलर्ट: स्कूलों में बजेगी ‘वॉटर बेल’, हर जिले में बनेगा एक्शन प्लान

खबर शेयर करें -

 

cs baithak

देहरादून से बड़ी खबर है। उत्तराखंड में बढ़ते तापमान और संभावित हीट वेव को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर स्कूलों में बच्चों की सेहत को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं।

स्कूलों में बजेगी ‘वॉटर बेल’

बुधवार को उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में सीएस ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजाई जाए, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बच सकें। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार स्कूलों के समय में बदलाव, कक्षाओं में बेहतर वेंटिलेशन और ओआरएस व जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह के हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की 11 टीमें लगी

हर जिले में बनेगा Heat wave action plan

राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिले में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।

पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर खास जोर

सीएस ने स्पष्ट किया कि गर्मियों में पेयजल की उपलब्धता सबसे अहम है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, बाजार और पंचायत भवनों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां पानी की किल्लत की आशंका है, वहां टैंकर, नलकूप और वैकल्पिक जल आपूर्ति की अग्रिम योजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सभी अस्पतालों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, दवाइयां, ORS और आइस पैक उपलब्ध रखने को कहा गया है। एम्बुलेंस सेवाओं में भी जरूरी संसाधन अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें -  पिता की कार के नीचे दबने से मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम

श्रमिकों और आमजन के लिए विशेष इंतजाम

खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार गंभीर नजर आ रही है। निर्देश दिए गए हैं कि दोपहर के समय भारी काम से बचा जाए और कार्यस्थलों पर छाया, पानी, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी शेल्टर, प्याऊ और कूलिंग स्पेस बनाने, पार्कों को अधिक समय तक खोलने और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया है। पशुओं के लिए भी पानी और शेल्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड- यहाँ जनेऊ संस्कार से लौटते समय दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी कार, देवरानी-जेठानी की मौत, चालक गंभीर

बिजली आपूर्ति पर भी फोकस

गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ही वैकल्पिक योजना तैयार रखने को कहा गया है, ताकि उच्च मांग के समय भी जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999