Ram Mandir पर राजनीति से भड़के जगद्गुरू रामभद्राचार्य, गीत गाकर बताया रामलला का मुखमंडल

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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इसमें अब केवल 2 दिन बचे हैं। लेकिन Ram Mandir को लेकर राजनीति देखने को मिल रही है। कोई राम मंदिर का निमंत्रण ठुकरा रहा है। कोई राम मंदिर को लेकर ये कहता दिख रहा है कि राम मंदिर अपने असर स्थान से 3 किमी दूर बना है। वहीं अब इस मामले पर जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने टिप्पणी की है।

जगद्गुरू रामभद्राचार्य की टिप्पणी
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं अब राजनीतिक विवादों के बीच जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने टिप्पणी की है। उन्होनें कहा, विनाश कालै, विपरीत बुद्धि। उन्हें कोई ज्ञान नहीं है। मैं बिल्कुल वैसी ही महसूस कर रहा हूं, जैसे राम के 14 सालों बाद वनवास से वापस आने पर वशिष्ठ जी ने महसूस किया था। इस दौरान जगद्गुरू ने एक भक्ति गाना भी गाया, जिसके शब्दों के जरिए रामलला के मुखमंडल को परिभाषित करने का प्रयास किया

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