वाहन संचालकों को ग्रीन कार्ड के साथ यह कार्ड बनवाना भी अनिवार्य, नियम एवं शर्तें जारी

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10 मई से आरंभ हो रही चारधाम यात्रा के साथ ही परिवहन विभाग ने यात्री वाहनों के लिए नियम एवं शर्तें जारी कर दी हैं। यात्रा में वाहन संचालकों को ग्रीन कार्ड के संग ट्रिप कार्ड भी लेना होगा।
इसके लिए आनलाइन आवेदन किया जाएगा और यात्रा से पहले वाहन के चालक व यात्रियों की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।चारधाम यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत परिवहन विभाग ने इस वर्ष भी व्यावसायिक वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया है। यात्रा में वाहन संचालकों को ग्रीन कार्ड के संग ट्रिप कार्ड भी लेना होगा। इसके लिए आनलाइन आवेदन किया जाएगा और यात्रा से पहले वाहन के चालक व यात्रियों की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।ट्रिप कार्ड केवल एक फेरे के लिए होगा व अगली बार यात्रा के लिए दूसरा ट्रिप कार्ड बनवाना होगा। यात्रा के नोडल अधिकारी आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि greencard.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर पहले ग्रीन कार्ड बनाया जाएगा और उसके बाद फिर से आवेदन कर ट्रिप कार्ड बनाना होगा।नियम एवं शर्तें जारी
10 मई से आरंभ हो रही चारधाम यात्रा के साथ ही परिवहन विभाग ने यात्री वाहनों के लिए नियम एवं शर्तें जारी कर दी हैं। यात्रा नोडल अधिकारी व देहरादून आरटीओ प्रशासन सुनील शर्मा ने बताया कि चारधाम की यात्रा के लिए श्रद्धालु बस, टैक्सी, मैक्सी कैब आदि व्यावसायिक वाहनों से यात्रा पर जाते हैं।

अपने प्रदेश के साथ ही बाहरी प्रदेश के व्यावसायिक वाहन भी बड़ी संख्या में यात्रा पर आते हैं। यह वाहन संचालक परिवहन विभाग से ग्रीन कार्ड तो बनवा लेते हैं, लेकिन यात्रा पर वाहन कितने फेरे लगा रहा है, इसकी सूचना नहीं मिल पाती थी। इसका पता लगाने के लिए दो वर्ष पूर्व ट्रिप कार्ड अनिवार्य किया गया था।
यात्रा के दौरान चेकपोस्ट पर इसकी जांच की जाएगी एवं यात्रा पूरी होने पर यह स्वत: ही समाप्त हो जाएगा। इससे यह पता चल जाएगा कि वाहन किस धाम गया है। वाहन में कितने यात्री गए हैं। उनके नाम और मोबाइल नंबर भी आनलाइन दर्ज करने होंगे।
ग्रीन कार्ड 30 नवंबर या फिर वाहन की फिटनेस (जो पहले पूरा हो) तक मान्य है। यात्रा मार्ग पर ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड, शराबी चालक, ज्यादा किराया वसूली आदि रोकने के लिए प्रवर्तन दल भी तैनात किए जाएंगे।यात्रा पर जाने वाले 10 सीटर तक के वाहनों को ग्रीन कार्ड बनाने के लिए तकनीकी जांच कराने आरटीओ व एआरटीओ कार्यालय में आना पड़ेगा। पहले इन वाहनों को आनलाइन आवेदन के बाद ग्रीन कार्ड जारी कर दिए जाते थे, लेकिन आरटीओ ने बताया कि इनकी भी जांच की जा रही।
वाहन संचालकों को बड़ी राहत देते हुए यह सुविधा दी गई है कि आवेदन के बाद वह तकनीकी जांच के लिए किसी भी परिवहन कार्यालय में जा सकते हैं। वाहन के फिट होने पर ग्रीन कार्ड जारी होगा।
इंटरनेट मीडिया पर दे रहे जानकारी
चारधाम यात्रा को लेकर इस वर्ष पहली बार परिवहन विभाग की ओर से इंटरनेट मीडिया पर ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है।
आरटीओ की ओर से यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम एवं फेसबुक पर वीडियो के माध्यम से बताया जा रहा कि ग्रीन कार्ड व ट्रिप कार्ड बनाना क्यों जरूरी है और यह कैसे बनाया जा रहा। आरटीओ ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद यात्रियों को मार्ग के संबंध में भी जानकारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दी जाती रहेगी।

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