मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: रामगढ़ की हर्बल टी बन रही ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की वैश्विक पहचान

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से जनपद नैनीताल के विकासखंड रामगढ़ के नथुआखान क्षेत्र में स्थापित एरोमैटिक प्लांट क्लस्टर आज महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है।
300 से अधिक महिलाओं ने बदली अपनी आर्थिक तस्वीर
इस क्लस्टर से 8 ग्राम पंचायतों की 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती कर उच्च गुणवत्ता वाली हर्बल टी का उत्पादन कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन सहयोग ने इन महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार हो रही विश्वस्तरीय हर्बल टी
महिलाओं द्वारा कैमोमाइल, तुलसी, पुदीना, थाइम, रोजमेरी, बुरांश और लेमनग्रास जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों से स्वास्थ्यवर्धक हर्बल टी तैयार की जा रही है। प्राकृतिक गुणों से भरपूर यह उत्पाद अपनी गुणवत्ता, स्वाद और स्वास्थ्य लाभ के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब रामगढ़ की यह हर्बल टी केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।

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बेहतर पैकेजिंग से बढ़ी मांग, महिलाओं की आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा
उत्तराखंड सरकार के मार्गदर्शन में उत्पादों की आधुनिक ब्रांडिंग एवं आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्तमान में हर्बल टी 250 ग्राम से 500 ग्राम की पैकिंग में ₹150 से ₹300 तक उपलब्ध है। गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।
महिला सशक्तिकरण का सशक्त मॉडल बन रहा रामगढ़
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सफल अभियान बन चुकी है। आज ये महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।

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‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘ग्लोबल’ तक का सफर
रामगढ़ की हर्बल टी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि स्थानीय संसाधनों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार का सहयोग मिले, तो ग्रामीण उत्पाद वैश्विक बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। यह सफलता कहानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” के विजन को साकार करती है, जहां महिलाओं की मेहनत और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं मिलकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं।

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