दोबारा लगाने पड़ सकते हैं रेबीज के इंजेक्शन!, भारत में इस कंपनी के बेचे जा रहे थे नकली टीके -Abhayrab Rabies Vaccine

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Abhayrab Rabies Vaccine: अगर आपने भी हाल ही के सालों में रेबीज के टीके लगाए है तो आपको भी दोबारा वैक्सीन लगाने की जरूरत पड़ सकती है। जी हां, ये हम नहीं कह रहे हैं। दरअसल ऑस्ट्रेलिया (Australia) में दवाओं की निगरानी करने वाली एक संस्थाने भारत में बनी रेबीज की वैक्सीन पर सवाल उठाया है।

इस रेबीज वैक्सीन(Rabies Vaccine) का नाम ‘अभयरैब’ है। चेतावनी जारी कर कहा गया है कि दो साल पहले भारत में बनी रेबीज वैक्सीन की एक खेप में टीके के नकली वर्जन की बात सामने आई थी।

Abhayrab

दोबारा लगाने पडे़ंगे रैबीज के इंजेक्शन!

साल 2023 के अंत में ये नकली वैक्सीन मार्केट में सर्कुलेट हो रही थीं। ऐसे में जिन भी लोगों ने इस कंपनी की वैक्सीन लगाई है उन्हें चेतावनी जारी कर संस्था ने दोबारा से टीका लगावाने की सलाह दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि नकली वैक्सीन लगाने पर लोगों पर अब भी रैबीज का खतरे मडरा रहा होगा।

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भारत में इस कंपनी के बेचे जा रहे थे नकली टीके

दरअसल ऑस्ट्रेलिया की संस्था Australian Technical Advisory Group on Immunisation (ATAGI) ने ये चेतावनी जारी की है। बीते हफ्ते जारी हुई इस चेतावनी में उन्होंने बताया कि डियन इम्यूनोलाजिकल्स लिमिटेड (IIL) द्वारा बनाई गई एंटीरैबीजवैक्सीन अभयरैब’ (Abhayrab) की नकली खुराकें भारत में साल 2023 के अंत से बेजी जा रही हैं।

Abhayrab  rabies vaccine

दोबारा टीके लगाने की सलाह दी

इस चेतावनी में नकली और पंजीकृत टीकों के फार्मूलेशन से लेकर पैकेजिंग लेबलिंग और निर्माण में अंतर के बारे मे बताया गया। ATAGI ने चेतावनी जारी कर कहा कि जिन लोगों को ये नकली टीके लगे है वो रैबीज से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। ऐसे में एहतियात के तौर पर संस्था ने टीके की नई खुराक लेने की सलाह दी है।

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IIL कंपनी ने सफाई की पेश

इसी बीच इंडियन इम्यूनोलाजिकल्स लिमिटेड यानी IIL ने भी एंटी रैबीजवैक्सीन अभयराब (Abhayrab) से संबंधित इस रिपोर्ट के बारे में अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की इस चेतावनी को भ्रामक और अनुचित बताया है।

साल 2024 के एक बैच पाया गया था नकली

कंपनी ने कहा कि इसी साल जनवरी में, IIL ने एक विशिष्ट बैच (केए 24014) में गड़बड़ी पाई गई। जिसे मार्च 2024 में बनाया गया था। अब ये मार्केट से भी बाहर हो गया है। कंपनी ने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही तुरंत ही भारत के नियामकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सूचित किया गया। साथ ही ऑफिशियली शिकायत दर्ज कर अधियाकरियों के साथ मिलकर तेजी से कार्रवाई की गई।

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ऑस्ट्रेलियाई सरकार की चेतावनी को बताया भ्रामक

इसके साथ ही कंपनी ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से ये अपील भी की है कि वो अपनी जारी की गई चेतावनी के बारे में दोबारा से विचार करे। इससे लोगों के बीच भ्रम फैल सकता है और साथ ही आम जनता का टीकों पर से भरोसा कम हो सकता है।

सवाल तो बनता है?

हालंकि सफाई के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि जब वैक्सीन का एक बैच नकली बाजार में तैर रहा था तब भी इसके बारे में उन लोगों को क्यों नहीं बताया गया जिन्होंने ये वैक्सीन लगाई होगी। साथ ही इस बात का खुलासा भी तब हो रहा है जब विदेशी संस्था ने ये मुद्दा उठाया। नकली बैच पर भारत की निगरानी संस्थाएं क्या कर रही थीं?

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