
लालकुआं
- भाकपा(माले) को हर मोर्चे पर, हर संभव तरीके से मज़बूत करने का संकल्प
भाकपा माले की नैनीताल जिला कमेटी ने 18 दिसम्बर को कॉमरेड विनोद मिश्रा की 27वीं बरसी पर लाल सलाम और क्रांतिकारी श्रद्धांजलि पेश करते हुए दीपक बोस भवन बिंदुखत्ता में “संकल्प दिवस” का आयोजन किया.
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने बताया कि, 1970 के दशक के शुरुआती भयंकर झटके और बिखराव के बाद भाकपा माले को दोबारा खड़ा करने और संगठित करने से लेकर, 1990 के दशक में संघ-भाजपा के बढ़ते ख़तरनाक हमलों के चुनौतीपूर्ण दौर का मुकाबला करने के लिए पार्टी को तैयार करने तक कॉमरेड वीएम ने हमारे लिए एक शानदार, गौरवशाली कम्युनिस्ट विरासत हमारे हवाले की है. उनकी अगुवाई में पार्टी ने हर तरह की बाधाओं को पार किया, और भारत के इतिहास व समाज को समझने के लिए अपनी मार्क्सवादी समझ को लगातार विकसित व मज़बूत करते हुए व्यापक जन-संघर्षों को खड़ा किया.
कामरेड कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार तक एक के बाद एक राज्य चुनावों में मिली जीतों से बेलगाम होकर मोदी सरकार ने पूरे देश में अपने फासीवादी हमलों को तेज़ कर दिया है. ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के नाम पर मतदाता सूची से नामों की कटाई की देशव्यापी मुहिम चलाई जा रही है. नए श्रम कोड और निजीकृत शिक्षा के ज़रिए मज़दूर तबके और छात्रों पर कॉर्पोरेट नियंत्रण को और मज़बूत किया जा रहा है, मनरेगा की रोजगार गारंटी योजना को खत्म किया जा रहा है, परमाणु सुरक्षा को विदेशी पूंजी के हवाले कर दिया है, बीमा क्षेत्र को सौ प्रतिशत विदेशी निवेश के लिए खोल दिया है. संघीय ढाँचे पर हमला तेज़ हो चुका है, और पूरे देश में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की खाई को ज़बरदस्ती और गहरा किया जा रहा है. इसके खिलाफ संघर्ष तेज करना ही कामरेड विनोद मिश्र को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
संकल्प दिवस पर नए साल में पार्टी का विस्तार करने, पूरे संगठन को नई ऊर्जा से खड़ा करने, और अपने आंदोलन को और ऊँचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार खड़े होकर आने वाले साल में पार्टी संगठन को और अधिक गतिशील, संगठित, अडिग और जुझारू बनाने के लिए अपनी हर ताक़त झोंक देने और पूरी ताक़त के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया.
संकल्प दिवस आयोजन में वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी, डॉ कैलाश पाण्डेय, भुवन जोशी, विमला रौथाण, आनंद सिंह सिजवाली, पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, गोविंद जीना, चन्दन राम, धीरज कुमार, कमलापति जोशी, निर्मला शाही, डी एस मेहरा, अंबा दत्त बसखेती, शिवानी आदि शामिल रहे.


