
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।उन्होंने बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि यह देश की आम जनता की मौजूदा समस्याओं से पूरी तरह कटा हुआ है।हरीश रावत ने कहा कि बजट में जमीनी हकीकत की अनदेखी की गई है। आज देश का आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत की कल्पनाओं का बोझ ढो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्तमान की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तो भविष्य के सपनों को कैसे साकार किया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में गरीब वर्ग के लिए कोई प्रभावी राहत नहीं दी गई है। महंगाई के इस दौर में आम आदमी की क्रय शक्ति लगातार कमजोर हो रही है, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हरीश रावत ने कहा कि किसानों के लिए भी बजट निराशाजनक साबित हुआ है। खेती की लागत बढ़ रही है, किसानों पर कर्ज का बोझ है, बावजूद इसके बजट में उनकी आय बढ़ाने या समस्याओं को दूर करने के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखाई देती।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में नौजवानों और महिलाओं के लिए भी कोई ठोस प्रावधान नहीं है। बेरोजगारी से परेशान युवाओं और आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद कर रही महिलाओं के लिए बजट में सिर्फ घोषणाएं हैं, लेकिन जमीनी राहत नहीं।
अंत में हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे बजट की जरूरत है, जो आम जनता की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित हो और देश के हर वर्ग को राहत पहुंचाए, न कि सिर्फ भविष्य के सपनों की बातें करे।


