
रानीखेत। अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से 1 जुलाई से लापता 28 वर्षीय युवती को आखिरकार छह दिन बाद घने जंगल से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। घायल और बेहद कमजोर हालत में मिली युवती को एसडीआरएफ की सरियापानी टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार युवती 1 जुलाई की शाम घर से घूमने के लिए निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 4 जुलाई को जिला नियंत्रण कक्ष अल्मोड़ा से सूचना मिलने पर सेनानायक एसडीआरएफ के निर्देशन में सरियापानी टीम को खोज एवं बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया।
एसडीआरएफ की टीम ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल, बूबूधाम समेत आसपास के दुर्गम और घने जंगलों में लगातार सघन सर्च अभियान चलाया। लगातार हो रही बारिश, कठिन पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों के बावजूद जवानों ने हार नहीं मानी और अभियान जारी रखा।
लगातार छह दिन की अथक मेहनत के बाद 7 जुलाई को अपराह्न करीब 4:30 बजे युवती सुंदरखाल गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर घने जंगल में घायल अवस्था में मिली। टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के सहारे करीब पांच किलोमीटर दुर्गम पैदल मार्ग पार कर उसे सड़क तक पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस के जरिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया।
युवती के सकुशल रेस्क्यू के बाद परिजनों ने एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए जवानों के साहस, समर्पण और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी एसडीआरएफ के इस उत्कृष्ट बचाव अभियान की प्रशंसा करते हुए टीम की प्रतिबद्धता को सराहा।
रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम:
उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल, हेड कांस्टेबल आशीष रावत, आरक्षी बालम सिंह, होमगार्ड धीरज भारती, होमगार्ड राजेंद्र गिरी, टीसी पवन नेगी तथा डीआर कुलदीप सिंह


