
नई टिहरी न्यूज़- जनपद टिहरी की पट्टी सकलाना में थाना चंबा क्षेत्र अंतर्गत धनच्यूला की पहाड़ियों में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान रजनी नेगी (32) पत्नी धर्मेंद्र कठैत निवासी ग्राम घेना, कठु की चेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतका का मायका मरोड़ा गांव में है।
मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि रजनी लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी और पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। स्वजनों के मुताबिक रजनी ने पहले ही अपने भाई को बता दिया था कि वह अब ससुराल वापस नहीं जाएगी। ग्रामीणों ने भी कई बार दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार 23 मई को रजनी के पति धर्मेंद्र कठैत की ओर से पुलिस चौकी कुमाल्डा में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। हालांकि, मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने खोजबीन में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
मृतका के पति धर्मेंद्र का कहना है कि रजनी सुबह करीब पांच बजे घर से निकली थी। वह उसके पीछे गया, लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दी। गांव वालों के कहने पर दोपहर करीब 2:30 बजे गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अगले दिन सुबह स्थानीय लोगों ने धनच्यूला की पहाड़ियों में एक महिला का शव पड़े होने की सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान रजनी नेगी के रूप में कराई।
मायके पक्ष का कहना है कि शव के गले पर गहरे निशान दिखाई दे रहे थे। हालांकि उन्होंने अभी किसी पर सीधे हत्या का आरोप नहीं लगाया है, लेकिन घटना को लेकर हत्या की आशंका जरूर जताई है।
स्वजनों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पंचनामा प्रक्रिया और मीडिया के मौके पर पहुंचने से पहले ही शव को पोस्टमार्टम के लिए देहरादून भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि रजनी अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं, थाना चंबा प्रभारी निरीक्षक विपिन बहुगुणा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


