vande bharat train : नाइट सूट में पति बीवी संग फंस गया ट्रेन में !

खबर शेयर करें -

vande bharat train ट्रेन में तो सफर आप भी करते होंगे लेकिन क्या कभी आप ट्रेन में ऐसे फंसे हैं जैसे वडोदरा के बेचारे पतिदेव शिकार हो गए। आपको सुनकर हैरानी होगी कि गेट बंद होने से इन्हे पूरे 130 किलोमीटर तक साथ जाना पड़ा वो भी नाइट सूट में , आपको बता दें कि वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगाए गए हैं। ट्रेन के चलने से पहले ही ये दरवाजे बंद हो जाते हैं। जब वो शख्स अपनी पत्नी को वंदे भारत ट्रेन में बैठाने के लिए गया, समय पर वापस नहीं आ पाया और दरवाजे बंद हो गए। कपल की बेटी ने इस मजेदार घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया है ताकि लोग सावधान हो सकें।
पत्नी को ट्रेन में बिठाने गया पति लॉक हो गया vande bharat train

vande bharat train

यह भी पढ़ें -  5 करोड़ कैश, 1.5 किलो सोना, 22 लग्ज़री घड़ियां…,रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए DIG bhullar धन कुबेर निकला, तस्वीरों में देखिए

मामला वडोदरा का है। सोशल मीडिया पर एक लड़की ने बताया कि मां वडोदरा से मुंबई आ रही थीं। मां के तैयार हो जाने के बाद पापा सोकर उठे और मां को स्टेशन छोड़ने के लिए निकल गए। ट्रेन आई और मां के साथ पिता भी ट्रेन में चढ़ गए। वह ट्रेन में इसलिए चढ़े थे ताकि सामान को सही तरीके से रख दें और मां को यात्रा के दौरान कोई परेशानी ना हो। हालांकि इस दौरान ट्रेन के दरवाजे पर लाइट जलने लगीं, जो दरवाजे के बंद होने का इशारा करती हैं। हालांकि लड़की के पिता का ध्यान इस पर नहीं गया और दरवाजे बंद हो गए। दरवाजे बंद होते ही इस लड़की के पिता टीटी के पास पहुंचे लेकिन ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और ट्रेन को रोकना संभव नहीं था। टीटी ने ट्रेन रोकने से मना कर लिया।

यह भी पढ़ें -  आज कितने बजे दिल्ली पहुंचेंगे Vladimir Putin?, PM Modi के साथ होगा प्राइवेट डिनर, जानें पूरा Schedule

मजबूरी में पति को नाइट सूट में करनी पड़ी 130 किमी यात्रा
इसके बाद लड़की के पिता को वडोदरा से सूरत तक की यात्रा करनी पड़ी, वो भी नाइट सूट में !अब इस लड़की का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिस पर लोगों के मजेदार कमेंट्स आ रहे हैं। एक ने लिखा कि इस तरह की स्थिति कई बार देख चुका हूं क्योंकि वंदे भारत ट्रेन के स्टॉप की टाइमिंग काफी कम है।

यह भी पढ़ें -  बनभूलपुरा में सफाई करने के लिए तैयार नहीं पर्यावरण मित्र, कूड़े से पटा क्षेत्र

एक ने लिखा कि एक बार मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था, जब मैं सामान लेने के लिए नीचे गया तो ट्रेन के दरवाजे बंद हो गए और मुझे छोड़कर ट्रेन चली गई।एक अन्य ने लिखा कि हमारे देश के लोगों को अभी तक ऑटोमेटिक दरवाजों की आदत ही नहीं हुई है। एक अन्य ने लिखा कि ट्रेन के दरवाजे बंद होने से कुछ देर पहले अलार्म बजना चाहिए ताकि लोग अलर्ट हो जाएं। एक अन्य ने लिखा कि इसे पढ़कर लोगों के चेहरे पर हंसी आ रही है, क्या यादगार सफर रहा होगा।

Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999