कौन थे तेजस क्रैश में जान गवाने वाले विंग कमांडर namansh syal ?, पहाड़ों से है गहरा नाता- Tejas Fighter Jet Crashed

खबर शेयर करें -

indian-fighter-jet-tejas-crashes-at-dubai-air-show-himachal-pilot-naman-syal

Tejas Fighter Jet Crashed: शुक्रवार को दुबई एयर शो में भारतीय तेजस लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। दुबई समयनुसार ये हादसा 2:10 बजे हुआ। जब तेजस एम के-1 प्रदर्शन के दौरान डेमो उड़ान भर रहा था। इसी दौरान विमान अचानक से अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जैसे ही विमान जमीन से टकराया तो जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में पायलट namansh syal की मौत हो गई। चलिए जानते है कि वो कौन थे?

Tejas Fighter Jet crashes at dubai naman-syal

Tejas Fighter Jet Crashed: कौन थे दुबई एयर शो में अपनी जान गवाने वाले विंग कमांडर namansh syal?

दुबई एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान को पायलट विंग कमांडर नमन स्याल उड़ा रहे थे। जो इस हादसे का शिकार हो गए। ब हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां क्षेत्र के रहने वाले नमन स्याल सिर्फ 37 साल के थे। उनकी पत्नी भी वायुसेना में हैं।

यह भी पढ़ें -  रुड़की में बड़ा हादसा : चलती कार में लगी आग, मौके पर मची चीख पुकार

37 साल के थे पायलट विंग कमांडर नमन स्याल Pilot namansh syal

नमन स्याल (37) वर्तमान में कोयंबटूर में तैनात थे। वो पिछले छह दिनों से दुबई में एयर शो के लिए वहां मौजूद दें। हादसे के दिन यान शुक्रवार को आखिरी दिन था। फाइटर जेट तेजस हादसे में नमन बलिदान हुए हैं। इस दुखद समाचार से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

यह भी पढ़ें -  ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर हादसा: वाहन पर गिरा बोल्डर, महिला की मौत, चार लोग घायल

16 साल से भारतीय वायुसेना में दे रहे थे सेवाएं

अमर उजाला से बातचीत के दौरान नमन स्याल के पिता जगन्नाथ ने बताया कि उनका बेटा 16 साल से भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। नमन की पत्नी वायुसेना में ही बतौर ग्राउंड ऑफिसर सेवाएं दे रही हैं।

भारत कब आएगा नमन स्याल का पार्थिव शरीर?

उनके पिता ने बताया कि दुबई में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार या फिर मंगलवार को नमन की पार्थिव देह के भारत पहुंच सकता है। उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि नमन में 10 साल की एक बेटी भी है।

यह भी पढ़ें -  विश्व गौरय्या प्रेमी गुलाब सिंह नेगी ने गोरैया संरक्षण करने वाले 5 लोगो को सम्मानित किया।

इस दुर्घटना की खबर मिलते ही उनके घर में शोक की लहर फैल गई, और पूरे गांव में चुप्पी सी छा गई। बलिदानी नमन की 10 साल की एक बेटी है, जिसकी आंखों में अब अपने पिता के गर्व और बलिदान की यादें हमेशा रहेंगी।

Advertisement

लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -

👉 हमारे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें

👉 फ़ेसबुक पेज लाइक/फॉलो करें

👉 विज्ञापन के लिए संपर्क करें -

👉 +91 94109 39999